Maharashtra Schools Reopen:महाराष्ट्र सरकार राज्य में स्कूलों को फिर से खोलने पर अगले कुछ दिनों में फैसला सुनाने वाली है. महाराष्ट्र के स्कूली शिक्षा राज्य मंत्री बच्चू कडू ने गुरुवार को कहा कि स्कूलों को फिर से खोलने पर फैसला अगले दो दिनों में कर लिया जाएगा. कडू ने कहा कि इस संबंध में अगले कुछ दिनों में बैठक की जाएगी और फिर उसमें स्कूलों को खोलने की तारीख तय कर ली जाएगी.Also Read - Mumbai Corona News: क्या मुंबई ने जीत ली कोरोना से जंग? सीरो सर्वे में 86 फीसदी आबादी में एंटीबॉडी विकसित

कडू ने कहा, “देश के अन्य राज्यों में स्कूल शुरू हो गए हैं और अब महाराष्ट्र में भी स्कूलों को खोल देना चाहिए. लेकिन इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेना होगा कि केरल के बाद सबसे अधिक कोरोना के सक्रिय मामले महाराष्ट्र में ही मिल रहे हैं.” Also Read - Maharashtra News: महाराष्ट्र में क्या फिर साथ आने वाले शिवसेना-BJP? उद्धव ठाकरे के इस बयान से लग रहीं अटकलें...

बता दें कि मार्च 2020 में कोरोना महामारी के आने के बाद से महाराष्ट्र में स्कूलों में ऑफलाइन कक्षाएं बंद कर दी गईं थीं और ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में 12 जुलाई से कक्षा 8 से 12 के छात्रों के लिए ऑफलाइन कक्षाएं फिर से शुरू करने की अनुमति दी गई थी, लेकिन केवल उन क्षेत्रों में जहां कोविड -19 मामले न्यूनतम हैं. Also Read - Maharashtra Lockdown Update: गणेश विसर्जन के दिन इस शहर में बंद रहेंगी दुकानें, जानें जरूरी सेवाओं के लिए क्या है आदेश...

टास्क फोर्स ने जताई है चिंता

इस बीच स्कूलों को खोलने के लिए बच्चों की टास्क फोर्स समिति ने शिक्षकों और नॉन-टीचिंग स्टाफ के टीकाकरण पर जोर दिया है और टास्क फोर्स ने इसके अलावा भी कुछ चिंताएं जाहिर की हैं जिनमें सैनेटाइजेशन और मेडिकल इमरजेंसी जैसी परिस्थितियां शामिल हैं. टास्क फोर्स ने राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ राज्य में स्कूलों को फिर से खोलने की योजना पर चर्चा की है और वे सुनिश्चित करना चाहता है कि स्कूल पूरी तरह से इसके तैयार हों और ऑफलाइन कक्षाएं शुरू होने के बाद कोविड -19 मामलों में वृद्धि न हो.

टास्क फोर्स के मुताबिक स्कूल के पूरे स्टाफ को वैक्सीन लगी होनी चाहिए. बैठने के लिए अच्छी व्यवस्था होनी चाहिए, एक बेंच एक बच्चे के लिए ही रहे. स्कूल को अच्छे तरह से सैनेटाइज करते रहने की जरूरत होगी और स्कूल को किसी भी मेडिकल एमरजेंसी के तैयार रहना होगा.

बाल चिकित्सा कार्य बल के सदस्य ने कहा

बाल चिकित्सा कार्य बल के सदस्य डॉक्टर बकुल पारेख ने कहा, “हम यह भी चाहते हैं कि स्कूलों को फिर से खोल दिया जाए लेकिन कुछ सावधानियों के साथ. क्योंकि हम बच्चों के स्वास्थ्य के बारे में चिंतित हैं. बच्चे निश्चित रूप से मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों और पोषण से पीड़ित हैं और इसलिए स्कूलों को फिर से खोला जाना चाहिए, लेकिन हमें सुनिश्चित करता होगा कि स्कूल का वातावरण सुरक्षित हो.”

पारेख ने कहा है कि स्कूलों को छात्रों को दो बैचों में विभाजित करना चाहिए और उन्हें वैकल्पिक दिनों में शारीरिक कक्षाओं के लिए बुलाया जाना चाहिए. उदाहरण के लिए आधे छात्रों को आज और बाकी को कल बुलाया जा सकता है और साथ ही ऑनलाइन कक्षाएं भी जारी रखी जा सकती हैं.