Maharashtra Schools Reopen: महाराष्ट्र में 4 अक्टूबर 2021 यानी आज से कक्षा 8 से 12 तक के स्कूल खुल गए हैं. पहले दिन स्कूल पहुंचे बच्चों के चेहरों पर उत्साह और खुशी देखी जा रही है. ग्रामीण क्षेत्रों में आज से 5वीं से 12वीं तक के स्कूल खुल गए हैं तो वहीं शहरों में अभी 8वीं से 12वीं तक के स्कूलों को खोला गया है.बता दें कि शिक्षामंत्री वर्षा गायकवाड़ ने तीन अक्टूबर को राज्य के शिक्षा विभाग के साथ समीक्षा बैठक की थी जिसमें स्कूलों को खोलने का फैसला लिया गया था. उन्होंने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी थी.Also Read - School Kab Khulenge: इस राज्य में 8वीं से 12वीं तक के स्कूल खुलने की आ गई तारीख, जानें क्या बोले शिक्षा मंत्री...

महाराष्ट्र की शिक्षामंत्री ने अपने ट्वीट में लिखा है, “सोमवार से स्कूलों के फिर से खुलने के साथ, तैयारी का आकलन करने के लिए राज्य भर के शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, शिक्षा अधिकारियों के साथ बैठक की. अधिकारियों ने बैठक के दौरान कुछ स्वागत योग्य सुझाव दिए. ये निश्चित रूप से मदद करेंगे.” Also Read - School Kab Khulenge: इस राज्य में जल्द खुलेंगे प्राथमिक स्कूल, जानें क्या बोले मुख्यमंत्री...

पहले दिन छात्रों का स्वागत फूलों-मिठाइयों से किया गया Also Read - Primary Schools Reopening News: इस राज्य में दशहरे के बाद खुल जाएंगे सभी प्राइमरी स्कूल, जानें क्या बोले शिक्षा मंत्री...

पहले दिन स्कूल खुलने पर मुंबई के कुछ स्कूलों में छात्रों का स्वागत फूलों और मिठाइयों से किया गया है. मुंबई के बोरा बाजार की एक शिक्षक ने बताया कि हम छात्रों का स्वागत फूलों और मिठाइयों से कर रहे हैं. हमारे स्कूल में सभी शिक्षक और कर्मचारी कोरोना वैक्सीन ले चुके हैं और सबका आरटी-पीसीआर टेस्ट किया गया है और सभी सुरक्षित हैं.

कोविड-19 प्रोटोकॉल का करना होगा पालन

सभी स्कूलों को  सरकार द्वारा जारी सभी कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करना होगा, जिसमें सोशल डिस्टेंसिंग, रेगुलर सेनिटाइजेशन, हर समय मास्क पहनना व अन्य नियम शामिल हैं. महाराष्ट्र की स्कूल शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ के अनुसार, यह ऑनलाइन से ऑफलाइन लर्निंग मोड में आसानी से ट्रांजिशन के लिए किया जाना जरूरी है.

मंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र राज्य शिक्षा अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (SCERT) एक कार्य योजना तैयार करेगी और अधिकारियों को फिजिकल क्लासेज को फिर से शुरू करने में किसी भी बाधा को दूर करने में मदद करेगी.

छात्रों के लिए फिजिकल कक्षाओं में भाग लेना अनिवार्य नहीं है. वहीं जो स्टूडेंट्स फिजिकल क्लासेज में आना चाहते हैं तो उन्हें माता-पिता से सहमति पत्र लाना होगा.

महाराष्ट्र में स्कूलों को फिर से खोलने का निर्णय पिछले महीने राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा किए गए एक सर्वे के बाद लिया गया था.मंत्री के अनुसार, 70 प्रतिशत से अधिक माता-पिता चाहते थे कि स्कूल फिर से खुल जाएं.