मुंबई: महाराष्ट्र विधानमंडल में सोमवार को राज्यपाल सी.वी. राव के अभिभाषण का गुजराती अनुवाद ऑडियो चलने के बाद सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ा. विवाद बढ़ता देख मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने विधानसभा में बिना शर्त माफी भी मांगी. लेकिन यह विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. एक बार फिर बीजेपी की सहयोगी पार्टी शिवसेना ने देवेंद्र फड़णवीस पर निशाना साधा है.

शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के माध्यम से बीजेपी पर निशाना साधा और दावा किया कि मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडनविस सार्वजनिक कार्यक्रमों में मराठी बोलने में संकोच करते हैं. शिवसेना ने कहा कि फडणवीस सभी भाषाओं के नेता की छवि बनाने की कोशिश कर रहे हैं. उसने आरोप लगाया कि राज्य सरकार मराठी भाषा को लेकर निराशावादी है. शिवसेना ने कहा कि सत्ता में मौजूद लोगों को अगर अपनी भाषा और राज्य पर गर्व नहीं है तो यह चिंता का विषय है.

यह है पूरा मामला

घटना मराठी भाषा दिवस 27 फरवरी से एक दिन पहले की है. वाकया तब हुआ, जब राव ने अपना भाषण अंग्रेजी में शुरू किया, जिसके कुछ ही मिनटों बाद ज्यादातर सदस्य अपने हेडफोन में मराठी के बजाय गुजराती में अनुवाद सुनकर भौंचक्के रह गए. गुस्साए विपक्षी कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सदस्यों ने हंगामा खड़ा कर दिया. उन्होंने गुजराती ऑडियो चलाने के लिए सरकार की आलोचना की और शोर मचाते हुए मराठी अनुवाद ऑडियो चलाने की मांग की थी. जिसके बाद सीएम ने मांफी भी मांगी. (एजेंसी इनपुट )