बीड: महाराष्ट्र के बीड जिले की 29 वर्षीय एक महिला कांस्टेबल को प्रशासन की ओर से सेक्स चेंज के लिए सर्जरी कराने की अनुमति मिल गई है. बीड के पुलिस अधीक्षक जी श्रीधर ने बताया, हमें हाल ही में उच्च अधिकारी से इसकी अनुमति मिल गई है. और महिला को भी इस बारे में जानकारी दे दी गई है. कांस्टेबल ललिता साल्वे (अब वह ललित कहलाना पसंद करती हैं) ने मार्च में इस संबंध में मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी और राज्य सरकार से सेक्स चेंज कराने की अनुमति मिलने की प्रतीक्षा कर रही थीं.

सीएम से की थी मुलाकात
उन्होंने सेक्स चेंज कराने की अनुमति हासिल करने के लिए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को भी इस संबंध में आवेदन दिया था. बीड के मजलगांव पुलिस स्टेशन में तैनात साल्वे ने बताया, मैं अपने मामले को लेकर मुख्यमंत्री से 21 मार्च को मिली. उन्होंने मुझे इस मामले को जल्द सुलझाने का आश्वासन दिया था. साल्वे द्वारा हाईकोर्ट में डाली गई याचिका के मुताबिक उनका जन्म जून 1988 में हुआ है. पिछले कई वर्षों से उनके शरीर में कई तरह के बदलाव हुए और मेडिकल परीक्षण के दौरान इस बात की पुष्टि हुई कि उनके शरीर में क्रोमोजोम वाई है.

पुरुषों के शरीर में एक्स और वाई क्रोमोजोम होता है जबकि महिलाओं के शरीर में दो एक्स क्रोमोजोम होते हैं. डॉक्टरों ने साल्वे को लिंग परिवर्तन कराने की सलाह दी थी. बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र पुलिस के इतिहास में पहली बार ऐसा मामला आया है.

सेक्स चेंज कराने का फैसला पर्सनल
सेक्स चेंज करवाने का फैसला हालांकि व्यक्तिगत होता है लेकिन महिला के पुलिस विभाग से जुड़े होने की वजह से इस फैसले ने विभाग के लिए मुश्किल खड़ी कर दी थी. महिला कॉन्सटेबल का कहना है कि उसे महिला के रूप में रहने में दिक्कत हो रही है. साल्वी ने 2009 में महाराष्ट्र पुलिस जॉइन की थी. मजालगांव में पोस्टेड साल्वी ने अपने अधिकारियों को बताया कि उन्हें ‘जेंडर आइडेंटिटी डिसऑर्डर’ है. साल्वी के साथ काम करने वाली एक कॉन्स्टेबल ने बताया, ‘वह बीते चार साल से अपने लेटर्स में यह बात कह रही है. साल्वी ने अपनी शारीरिक बनावट में ऐसे बदलाव महसूस किए जो सिर्फ पुरुषों में होते हैं. इसके बाद उसे लगा कि वह एक पुरुष के रूप में ज्यादा सहज है.