मुंबई: महाराष्ट्र सरकार के करीब 17 लाख कर्मचारियों ने सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट लागू करने की मांग सहित विभिन्न मांगों पर दबाव बनाने के लिए आज यानी मंगलवार से तीन दिवसीय हड़ताल शुरू की है.Also Read - Maharashtra Rain Update: महाराष्ट्र में भूस्खलन और बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 149 हुई, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से निकाले गए 2,30,000 लोग

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महाराष्ट्र राज्य सरकारी कर्मचारी मध्यवर्ती संगठन के महासचिव अविनाश दौंद ने दावा किया कि तीसरे एवं चौथी श्रेणी के सरकारी कर्मचारी के हड़ताल में शामिल हो जाने के कारण सरकारी अस्पतालों सहित विभिन्न विभागों में आवश्यक सेवाएं प्रभावित होने की संभावना है. उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार उनकी काफी समय से लंबित मांगों को लेकर केवल ‘जुबानी जमा खर्च’ करती है. प्रदर्शन का आह्वान करने वाले संगठन के अध्यक्ष मिलिंद सरदेशमुख ने बताया कि जिला परिषदों, शिक्षकों और सरकारी निगमों सहित विभिन्न विभागों के करीब 17 लाख सरकारी कर्मचारी तीन दिवसीय हड़ताल में भाग लेंगे. Also Read - Porn Film Racket Case: राज कुंद्रा की बढ़ी मुश्‍किल, 4 कर्मचारी गवाह बने, एक्‍ट्रेस गहना वशिष्‍ठ पूछताछ के लिए तलब

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महाराष्ट्र में तीसरे व चौथी श्रेणी के कर्मचारियों के 1.85 लाख पद खाली

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने छठा वेतन आयोग लागू होने के बाद से सरकारी कर्मचारियों को अभी तक उनके बकाये का भुगतान नहीं किया है. उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र में तीसरे एवं चौथी श्रेणी के कर्मचारियों के 1.85 लाख पद खाली पड़े हैं. उन्होंने कहा कि इसके अलावा, अनुकंपा के आधार पर 30,000 पदों को भरने की मांग राज्य सरकार ने स्वीकार नहीं की. उन्होंने कहा कि अस्पतालों और अन्य आवश्यक सेवा विभागों में कुल पदों का करीब 30 से 40 प्रतिशत पद खाली है.