मुंबई: मराठा आरक्षण की मांग को लेकर महाराष्ट्र में विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप अख्तियार कर लिया. राज्य के विभिन्न हिस्सों में मराठा क्रांति द्वारा विरोध प्रदर्शन किए गए. बुधवार को इस आंदोलन की आंच देश की आर्थिक राजधानी मुंबई तक पहुंच गई. मराठा समुदायों की ओर से आहूत बंद में बुधवार को नवी मुंबई के कोपर खैराना और कालम्बोली में हिंसा हुई थी. इस दौरान प्रदर्शनकारियों के पथराव से आठ अधिकारियों सहित करीब 20 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे. Also Read - UP Gram Panchayat Elections 2021 News Live Updates: यूपी के 18 जिलों में चुनाव, वोटिंग जारी

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हिंसा में घायल प्रदर्शनकारी की मौत

बुधवार को हुई हिंसा में महाराष्ट्र के नवी मुंबई में आंदोलन के दौरान घायल हुए एक प्रदर्शनकारी की आज मुंबई के सरकारी जेजे अस्पताल में मौत हो गई. अस्पताल के डीन डॉक्टर मुकुंद तायडे ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि मुंबई के कोपर खैराने में हुई हिंसा के दौरान गंभीर रूप से घायल 25 वर्षीय रोहन थोकदार के सिर, हाथों और पैरों में कई जगह चोटें आई थीं. डॉ तायडे ने बताया की थोकदार को जेजे अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसे आईसीयू में रखा गया था, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.

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शिवसेना ने सीएम फडनवीस व सरकार को दोषी ठहराया

वहीं शिवसेना ने महाराष्ट्र में हुए हिंसक आंदोलन के लिए सीएम फडणवीस व सरकार पर जमकर निशाना साधा है. पार्टी के मुखपत्र सामना के संपादकीय में आरोप लगाते हुए लिखा है, ‘बहरहाल, सरकार की प्रवृत्ति की कीमत राज्य को चुकानी पड़ी जो मुद्दों को दबाना चाहती है.’ शिवसेना ने कहा कि मराठा मोर्चा में हिस्सा लेने वाली भीड़ को नियंत्रित करना पुलिस के लिए कठिन हो गया था क्योंकि भावनात्मक के अलावा यह मुद्दा प्रतिष्ठा का भी हो गया था और पिछले 24 घंटे पुलिस असहाय प्रतीत हो रही थी. पार्टी ने कहा कि हर समस्या सामान्य तौर पर खुद ही निपटाने वाले मुख्यमंत्री फडणवीस परिदृश्य से गायब थे और किसी को भी नहीं पता था कि वह कहां हैं या क्या कर रहे हैं, जब मराठा आंदोलन हिंसक होने के कारण पूरे राज्य में अराजकता फैली हुई थी.

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नवी मुंबई इलाके में बेहद हिंसक था आंदोलन

सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में आरक्षण की मांग को लेकर मराठा समुदायों की ओर से आहूत बंद में बुधवार को नवी मुंबई के कोपर खैराना और कालम्बोली में हिंसा हुई थी. इस दौरान प्रदर्शनकारियों के पथराव से आठ अधिकारियों सहित करीब 20 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे. हिंसा में पुलिस के 20 वाहनों सहित करीब 150 वाहन क्षतिग्रस्त हुए थे. पुलिस ने बताया कि हिंसक भीड़ के खिलाफ लाठी चार्ज और रबड़ तथा पैलेट गन के इस्तेमाल से नौ लोग घायल हुए हैं. एहतियात के तौर पर नवी मुंबई में गुरूवार से इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई.

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