नई दिल्ली: प्रवासी मजदूरों के लेकर सीएम योगी के निर्देश पर अब राजनीतिक प्रतिक्रिया आना शुरू हो गई है. सीएम योगी ने आज कहा था कि अब किसी भी दूसरे राज्य को उत्तर प्रदेश के मजदूरों को ले जाने के लिए यूपी सरकार से इजाजत लेनी पड़ेगी. उनके इस फैसले पर महाराष्ट्र नव निर्माण सेना के चीफ राज ठाकरे ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री इस बात को ध्यान रखें कि महाराष्ट्र को किसी की जरूरत नहीं है बल्कि अब महाराष्ट्र में प्रवासी मजदूरों को आने के लिए सरकार से इजाजत लेनी पड़ेगी.Also Read - UP Chunav 2022: सपा प्रमुख अखिलेश यादव मैनपुरी की करहल विधानसभा सीट से लड़ेंगे चुनाव- रिपोर्ट

इसके साथ ही राज ठाकरे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से इस संबंध में सार्थक कदम उठाने की भी बात कही है. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए. यही नहीं राज ठाकरे ने इन प्रवासी मजदूरों के पुलिस स्टेशन में पूरी डीटेल रखे जाने की भी बात कही है. उन्होंने कहा कि, महाराष्ट्र में काम की तलाश में आने वाले सभी कामगारों का रिकॉर्ड बनाना चाहिए, वह भी फोटो के साथ. ताकि, सभी की डीटेल पुलिस के पास रह सके. Also Read - UP Assembly Election: CM योगी आदित्यनाथ के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर, इन नेताओं के खिलाफ नहीं उतारेंगे उम्मीदवार

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ऐसे में अंदाजा लगाया जा रहा है कि राज ठाकरे के इस बयान के बाद प्रवासियों को लेकर जारी सियासत में अब नया मोड़ आ सकता है, क्योंकि इससे पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री भी अपने राज्य से महाराष्ट्र जाने वाले प्रवासियों को लेकर काफी कुछ बोल चुके हैं. हाल ही में सीएम योगी ने कहा था कि अगर उत्तर प्रदेश का कोई भी व्यक्ति काम की तलाश में महाराष्ट्र वापस जाता है तो महाराष्ट्र सरकार को इन प्रवासियों को रखने से पहले उत्तर प्रदेश सरकार से अनुमति लेना होगा.

उन्होंने कहा था कि अगर किसी प्रदेश को उत्तर प्रदेश के श्रमिकों या फिर काम गारों की जरूरत है तो इसके लिए उस राज्य को सरकार से इजाजत लेनी पड़ेगी इसके बाद ही वह श्रमिकों को अपने यहां काम पर रख सकते हैं. उन्होंने कहा,‘‘ ऐसे में अगर किसी राज्य को कामगारों की आवश्यकता होगी तो उनकी मांग पर सामाजिक सुरक्षा की गारंटी राज्य सरकार देगी, बीमा कराएगी और श्रमिक एवं कामगार को हर तरह की सुरक्षा देगी.

यही नहीं सीएम योगी ने महाराष्ट्र सरकार से मजदूरों के सामाजिक, कानूनी और मौद्रिक अधिकारों को भी सुनिश्चित करने की बात अपने बयान में कही थी. जिसके जवाब में अब राज ठाकरे सामने आए हैं. बता दें सीएम योगी ने यह बता कोरोना लॉकडाउन के मद्देनजर कही थी. सीएम योगी का आरोप था कि, लॉकडाउन के दौरान महाराष्ट्र सरकार ने प्रावसी मजदूरों का ध्यान नहीं रखा. जिसके चलते मजदूरों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा.