Coronavirus in Maharashtra महाराष्ट्र में 13 हजार से अधिक कैदियों को अभी तक कोविड-19 का टीका लगाया जा चुका है और जेलों में कोरोना वायरस के उपचाराधीन मरीजों की संख्या में काफी कमी आई है. यह जानकारी राज्य सरकार ने बृहस्पतिवार को बंबई उच्च न्यायालय को दी. उच्च न्यायालय ने कहा कि कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए उठाए गए कदमों से जेलों में ‘‘काफी सुधार’’ हुआ है.Also Read - फ्लोर टेस्ट से पहले ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद से उद्धव ठाकरे का इस्तीफा, विधान परिषद का पद भी छोड़ा

महाधिवक्ता आशुतोष कुंभकोणी ने मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति जी एस कुलकर्णी की पीठ से कहा कि राज्य के 47 जेलों में वर्तमान में 23,372 कैदी हैं. उन्होंने कहा कि इनमें से 13,567 कैदियों को कोविड-19 का टीका लगाया जा चुका है. इन जेलों में 3641 कर्मचारियों का भी टीकाकरण किया गया है. Also Read - महाराष्ट्र में जारी सियासी संकट के बीच उद्धव सरकार को 'सुप्रीम' झटका, कल ही होगा फ्लोर टेस्ट

कुंभकोणी ने अदालत से कहा कि जेल विभाग ने कैदियों की भीड़भाड़ कम करने के लिए राज्य के उच्चाधिकार प्राप्त समिति की सिफारिशों को लागू किया है और 2700 कैदियों को अंतरिम जमानत दी गई है और 518 कैदियों को आपातकालीन पैरोल पर रिहा किया गया है. Also Read - Most Expensive City: देश के इस शहर में रहना-खाना सबसे महंगा, हांगकांग दुनिया का सबसे खर्चिला शहर

पीठ एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसे इसने इस वर्ष की शुरुआत में कैदियों में कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए स्वत: संज्ञान के आधार पर शुरू किया था. उच्च न्यायालय ने कहा कि कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए उठाए गए कदमों से जेलों में ‘‘काफी सुधार’’ हुआ है. इसने मामले में सुनवाई की अगली तारीख 22 जुलाई तय की.

(इनपुट भाषा)