नागपुर: महाराष्ट्र के अमरावती जिले के मेलाघाट में मंगलवार को जंगल में रह रहे आदिवासियों और पुलिस जवानों के बीच संघर्ष खूनी हो गया. दरअसल, ये संघर्ष विस्थापन के मुद्दे को लेकर हुआ है. पुलिस, एसआरपीएफ जवानों और आदिवासियों के बीच हुए संघर्ष में 15 जवान घायल हुए हैं और आदिवासी समुदाय के 10 लोग घायल हैं. अस्पताल में घायल पुलिस जवानों का इलाज चल रहा है. Also Read - Coronavirus in Thane: महाराष्ट्र में कोविड-19 का प्रकोप, ठाणे में संक्रमितों की संख्या 42,420 हुई, मृतकों की संख्या 1,268 पहुंची

जिले में 4-5 साल पहले केलापानी, गुल्लरघाट, अमोना, धारगढ़ समेत 8 गांव के आदिवासी समुदाय के लोगों के पुनर्वास के लिए अकोट तहसील के तेल्हारा गांव के पास पुनर्वास किया था, लेकिन यहां शासन द्वारा बुनियादी सुविधाओं नहीं दिए जाने से कई गांव के आदिवासी समुदाय के लोग 15 दिन पहले अमोना, धारगढ़, बारूखेड़ा, सोमठाण खुर्द, गुल्लर घाट, केलागांव लौट आए थे. वे अपनी मांगे पूरी करने के लिए धरना प्रदर्शन कर रहे थे. वनविभाग आदिवासियों से गांव खाली नहीं करा पा रहा था और प्रशासन के बीच बातचीत भी कामयाब नहीं हो सकी. Also Read - मुंबई में डिप्रेशन के कारण 16 साल की लड़की ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में लिखा- I am Sorry मां

वनविभाग, पुलिस और एसआरपीएफ ने जब आदिवासियों से गांव खाली कराने की कोशिश की तो उनके बीच संघर्ष बढ़ गया. आदिवासियों ने पुलिस जवानों की आंखों में मिर्च का पावर फेंका और लाठी-डंडों से हमला बोल दिया. इस हमले में 15 से 20 पुलिस जवान घायल हो गए. करीब 10 आदिवासी समुदाय के लोग भी घायल बताए गए हैं. घायल पुलिस जवानों को इलाज के लिए भर्ती कराया गया है. वहीं घटनास्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है.