राहुल गांधी को महाराष्ट्र से अब जुवेनिल और पॉक्सो एक्ट के तहत नोटिस जारी

कांग्रेस अध्यक्ष ने महाराष्ट्र के जलगांव जिले में दो दलित लड़कों की पिटाई का वीडियो शेयर किया था

Updated: June 19, 2018, 10:28 PM IST

नई दिल्ली: कांग्रेस प्रेसिडेंट राहुल गांधी को महाराष्ट्र के एक मामले में झटका लगा है. राज्य के बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने उन्हें पॉक्सो के तहत एक नोटिस भेजा है. महाराष्ट्र राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने महाराष्ट्र में बीते दिनों दो दलित लड़कों की पिटाई के मामले में जुवेनिल जस्टिस एक्ट के सेक्शन 74 और पॉक्सो एक्ट के सेक्शन 23 के तहत पहचान उजागर करने के मामले में राहुल को नोटिस जारी किया है.इससे पहले राहुल गांधी राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ पर महात्मा गांधी की हत्या को लेकर की टिप्पणी मामले में भिवंडी की कोर्ट में अवमानना के केस का सामना कर रहे हैं. इस वीडियो में अवयस्क बच्चों के चेहरे साफ दिखाई दे रहे हैं.

बता दें कि बीते दिनों महाराष्ट्र के जलगांव जिले में दो दलित लड़कों की पिटाई एक अन्य जाति के व्यक्ति के कुंए में नहाने पर पीटा गया था और निर्वस्त्र कर घुमाया गया था. इस घटना के सामने आने के बाद राहुल गांधी ने बीते 15 जून को इन बच्चों का वीडियो ट्विटर पर शेयर करते हुए बीजेपी और आरएसएस पर हमला बोला था.

सवर्णों के कुएं में नहाने पर 3 दलित नाबालिगों को निर्वस्त्र कर चमड़े के बेल्ट से पीटा, गांव में घुमाया

आरएसएस-बीजेपी पर बोला था हमला

बीते 15 जून को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आरएसएस और बीजेपी पर देश में घृणा की जहरीली राजनीति का विस्तार करने का आरोप लगाते हुए कहा था कि यदि इसका विरोध नहीं किया गया तो इतिहास हमें कभी माफ नहीं करेगा. राहुल ने दलित समुदाय के दो नाबालिग लड़कों का एक वीडियो अपने ट्वीट के साथ टैग किया था. इन लड़कों को महाराष्ट्र के जलगांव जिले में कुंए में नहाने के कारण पीट गया था और निर्वस्त्र कर घुमाया गया था.

ट्वीट में राहुल ने ये कहा था

राहुल ने ट्वीट में कहा , ”महाराष्ट्र में इन दलित बच्चों का अपराध सिर्फ इतना था कि ये एक सवर्ण के कुंए में नहा रहे थे. आज मानवता भी आखिरी तिनकों के सहारे अपनी अस्मिता बचाने का प्रयास कर रही है.”

कांग्रेस अध्यक्ष ने ट्वीट में कहा था, ”आरएसएस : भाजपा की मनुवाद की नफरत की जहरीली राजनीति के खिलाफ हमने अगर आवाज नहीं उठाई तो इतिहास हमें कभी माफ नहीं करेगा.”

हालाकि, केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने भी दोनों किशोरों को निर्वस्त्र घुमाने की घटना का विरोध किया था और था कहा कि वह पीड़ितों को न्याय दिलाना सुनिश्चित करने के मकसद से उस गांव में जाएंगे जहां यह घटना हुई.  (इनपुट- एजेंसी)

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