मुंबई| मुंबई में इमारत ढहने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 33 हो गई है. 117 साल पुरानी और छह मंजिली इस इमारत के मलबे से 11 शवों को निकाला गया. शहर के मुख्य दमकल सेवा अधिकारी ने बताया कि मृतकों में सबसे ज्यादा संख्या पुरुषों की है. मलबे से अब तक करीब 13 लोगों को निकाला जा चुका है. इस इमारत में आवास, गोदाम और एक प्लेस्कूल भी था. अधिकारियों ने बताया कि कई लोगों के अब भी इस इमारत के मलबे में फंसे होने की आशंका है

यह इमारत गुरुवार को सुबह 8.25 बजे ढह गई थी. मलबे में दबे लोगों को ढूंढने के लिए तलाशी एवं बचाव कार्य जारी है.

राज्य के आवास मंत्री रवींद्र वायकर ने कहा कि इस इमारत को साल 2011 में पुनर्विकास के लिए मंजूरी मिली थी और इसे खाली कराया जाना था. मुख्यमंत्री देंवेद्र फडणवीस ने घटनास्थल का दौरा किया और राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव की तरफ इस मामले की जांच कराए जाने के आदेश दिए. उन्होंने मृतकों के करीबी परिजन को पांच-पांच लाख रुपए की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया. घायल हुए लोगों के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी.

दक्षिण मुंबई के भिंडी बाजार में मौलान शौकत अली मार्ग पर हुसैनी इमारत को छह साल पहले ही खतरनाक घोषित किया जा चुका था. इस बाबत बीएमसी ने नोटिस भी जारी किया था.