मुंबई: मुंबई की एक विशेष अदालत ने बॉलीवुड Bollywood की पूर्व एक्‍ट्रेस Former Actress से दिसंबर 2017 में विमान में छेड़छाड़ (Molestation) के आरोपी 41 वर्षीय आरोपी को बुधवार को दोषी करार देने केे बाद सजा सुनाई  है. कोर्ट ने ऑन-बोर्ड फ्लाइट में सवार बॉलीवुड एक्‍ट्रेस से छेड़छाड़ करने के मामले में दोषी करार दिए गए विकास सचदेवा को यौन अपराधों से बच्चों की विशेष सुरक्षा (POCSO) कोर्ट ने 3 साल की कैद की सजा सुनाई है.

अदालत ने बॉलीवुड अभिनेत्री को फ्लाइट में छेड़छाड़ करने के दोषी विकास सचदेवा को POCSO एक्ट की धारा 8 और IPC की धारा 354 के तहत दोषी ठहराया है. दरअसल विकास सचदेव को पॉक्सो कानून के प्रावधानों के तहत दोषी ठहराया गया, क्योंकि एक्‍ट्रेस  घटना के वक्त नाबालिग थी.

बता दें दिसंबर 2017 में टीनेज एक्‍ट्रेस ने आरोप लगाया था कि एयर विस्तारा के विमान से दिल्ली से मुंबई जाने के दौरान उनके सह-यात्री ने उनसे छेड़छाड़ की थी.

दिसंबर 2017 में एक्‍ट्रेस ने आरोप लगाया था कि एयर विस्तारा के विमान से दिल्ली से मुंबई जाने के दौरान उनके सह-यात्री ने उनसे छेड़छाड़ की थी. उन्होंने इंस्टाग्राम पर लाइव वीडियो के जरिए अपनी आपबीती बताई थी. पीड़िता ने अपने पोस्ट में कहा था कि उनके पीछे बैठे सहयात्री ने अपने पैर उनकी सीट के आर्मरेस्ट पर रख दिया.

घटना के बाद उन्होंने वीडियो पोस्ट में कहा था, ”मैं आज दिल्ली से मुंबई जा रहे विमान में यात्रा कर रही थी और मेरे पीछे अधेड़ उम्र का एक व्यक्ति बैठा था, जिसने दो घंटे की मेरी यात्रा को तकलीफदेह बना दिया. मैंने इसे बेहतर तरीके से समझने के लिए अपने फोन में रिकॉर्ड करने की भी कोशिश की क्योंकि केबिन की रोशनी मंद होने के कारण मुझे पता नहीं चल सका….”

एक्‍ट्रेस ने लाइव वीडियो में कहा, ”रोशनी मद्धिम थी तो उसने और ज्यादा बुरा किया. यह पांच से दस मिनट तक चलता रहा और फिर मुझे इसके बारे में पूरा यकीन हो गया. वह मेरे कंधों को कोहनी मार रहा था और लगातार अपने पैर मेरी कमर और गर्दन पर रगड़ रहा था.” एक्‍ट्रेस ने पिछले साल यह घोषणा की थी कि अब वह अभिनय नहीं करेंगी.

अदालत ने यौन अपराध से बच्चों की सुरक्षा (पॉक्सो) कानून के तहत मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी विकास सचदेव को भारतीय दंड संहिता की धारा 354 (महिला की गरिमा भंग करने के इरादे से उस पर हमला या बलप्रयोग) के तहत दोषी ठहराया और तीन साल की सजा सुनाई

विकास सचदेव को पॉक्सो कानून के संबंधित प्रावधानों के तहत दोषी ठहराया गया, क्योंकि एक्‍ट्रेस घटना के वक्त नाबालिग थीं.
बाल संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम में पॉक्सो अधिनियम, 2012 की धारा- 4, 5, 6, 9, 14,15 और 42 में संशोधन कर कड़ी सजाओं का प्रावधान किया गया था.