पुणे: महाराष्ट्र में पूर्ण कर्जमाफी की मांग कर रहे 30 हजार से अधिक किसान मुंबई पहुंच चुके हैं. इस बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि सरकार किसानों के साथ बातचीत के लिए तैयार है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आंदोलनरत किसानों से शहर में यातायात नहीं रोकने की भी अपील की ताकि शहर में दसवीं की परीक्षा देने वाले छात्रों को परीक्षा केंद्रों पर जाने में विलंब ना हों. लोगों और छात्रों को परेशानी न हो,  इसलिए किसान फिलहाल आजाद मैदान में रुक गए हैं.

फडणवीस ने कहा, हम उनसे बात करेंगे और उनके मुद्दों को सुलझाएंगे. सरकार उनकी मांगों को लेकर सकारात्मक है. अधिकांश आंदोलनकारी आदिवासी हैं और उनकी मुख्य मांग वन भूमि पर अधिकार है. उन्होंने कहा, उनकी मांगों पर चर्चा के लिए हमने मंत्रियों की एक समिति बनायी है. हमने उन्हें ( किसान नेताओं) को बातचीत के लिए बुलाया है. इस बीच महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री विनोद तावड़े ने दसवीं कक्षा के बच्चों को कल समय से पहले परीक्षा केन्द्रों पर पहुंचने के लिए कहा है.

आज दोपहर 2 बजे सीएम देवेंद्र फडणवीस  किसानों के साथ बातचीत करेंगे. इस बातचीत के बाद ही किसान इस बात का निर्णय लेंगे कि उनका अगल कदम क्या होगा. किसानों ने साफ किया था कि जब तक सरकार उनकी मांग नही पूरा करती वो मुंबई से नहीं जाएंगे.

किसान आज करेंगे विधानसभा का घेराव

अपनी कई मांगों पर दबाव बनाने के लिए नासिक से छह मार्च को‘ लांग मार्च’ पर निकले महराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों के 40,000 से अधिक किसान मुंबई पहुंच गये हैं.  इनमें बच्चे-बूढ़े और जवान सभी शामिल हैं. आज किसान मुंबई में महाराष्ट्र विधानसभा का घेराव करने वाले हैं. किसानों का सरकार की सहयोगी शिवसेना ने भी समर्थन किया है. वहीं एमएनएस और कांग्रेस भी किसानों की मांग को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की बात कही है.

किसानों के मार्च की वजह से मुंबई पुलिस और मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने पूरी तैयारी की है. मुंबई पुलिस एडवाइजरी जारी कर रही है, तो ट्रैफिक पुलिस की ओर से रूट डायवर्जन बताया जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक सायन और मुलुंड की ओर ट्रैफिक मूवमेंट कम किया जा सकता है, क्योंकि किसान विधानसभा की ओर आ रहे हैं. ज्यादा जानकारी के लिए मुंबई पुलिस के ट्विटर अकाउंट पर नजर रख सकते हैं.