मुंबई: मुंबई पुलिस (Mumbai Police) ने गीतकार जावेद अख्तर (Javed Akhtar) के खिलाफ राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (RSS)के बारे में कथित टिप्पणियों के संबंध में सोमवार को एक प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है. 76 साल के गीतकार ने एक न्‍यूज चैनल से बातचीत करते हुए आरएसएस का नाम लिए बिना कहा था, ”तालिबान एक इस्लामी देश चाहता है. ये लोग हिंदू राष्ट्र बनाना चाहते हैं.” मुंबई के मुलुंड पुलिस ने गीतकार जावेद के खिलाफ गैर संज्ञेय अपराध दर्ज किया है. जावेद अख्तर ने आरएसएस की तुलना तालिबान से करने वाले अपने कथित बयान के लिए जिम्मेदार ठहराया था. इसको लेकर एक वकील ने शिकायत की थी.Also Read - NCB की टीम समीर वानखेड़े के खिलाफ जांच के लिए कल दिल्‍ली से मुंबई जाएगी, सोर्स

एक अधिकारी ने बताया कि स्थानीय अधिवक्ता संतोष दुबे की शिकायत पर मुलंद के थाने में यह प्राथमिकी दर्ज की गई है. अधिकारी के अनुसार, ”भारतीय दंड संहिता की धारा 500 (मानहानि के लिए सजा) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई.” Also Read - Maharashtra Red Light Area: महाराष्ट्र के इस इलाके में वेश्यावृत्ति पर लगा प्रतिबंध

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वकील ने आरएसएस के विरुद्ध गलत और अपमानजनक बयान देने के लिए पिछले महीने अख्तर को कानूनी नोटिस भेजा था. एक समाचार चैनल को दिए इंटरव्‍यू में 76 साल अख्तर ने यह बयान दिया था. उन्होंने इंटरव्‍यू में कथित तौर पर हिंदू  व‍िचारधारा समर्थक संगठन और तालिबान को एक समान बताया था.

अधिवक्ता संतोष दुबे ने अपनी नोटिस में दावा किया था कि इस प्रकार के बयान से अख्तर ने भारतीय दंड संहिता की धारा 499 (मानहानि) और 500 (मानहानि के लिए सजा) के तहत अपराध किया. वकील ने कहा, ”मैंने पहले अख्तर को कानूनी नोटिस भेजा था और उनसे अपने बयान पर माफी मांगने को कहा था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया. अब मेरी शिकायत के आधार पर उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है.”

आरएसएस कार्यकर्ता विवेक चंपानेरकर ने भी जावेद अख्तर को नोटिस
महाराष्ट्र में ठाणे की एक अदालत ने बीते बीते 27 सितंबर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की तुलना तालिबान से से करने पर बॉलीवुड के जाने माने गीतकार, कवि, पटकथा लेखक, जावेद अख्तर को उनके खिलाफ दायर मानहानि के मुकदमे पर कारण बताओ नोटिस जारी करने का सोमवार को आदेश दिया था. अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट और संयुक्त दीवानी न्यायाधीश (सीनियर डिवीजन) की अदालत में आरएसएस कार्यकर्ता विवेक चंपानेरकर ने मुकदमा दायर कर अख्तर से मुआवजे के रूप में एक रुपए की मांग की है. अदालत ने नोटिस जारी करने का आदेश दिया जिसका 12 नवंबर तक जवाब मांगा गया था.