मुंबई. गुरुवार को मुंबई के सीएसएमटी स्टेशन के फुटओवरब्रिज ढहने से हुई 6 लोगों की मौत और 31 लोगों के जख्मी होने के बाद शुक्रवार को इस मामले में कार्रवाई की गई. मुंबई के नगर आयुक्त अजय मेहता ने इस मामले में शुक्रवार को दो निकाय अभियंताओं को निलंबित कर दिया. मेहता ने इनके खिलाफ जांच के आदेश दिए. उन्होंने बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के दो सेवानिवृत्त मुख्य अभियंताओं के खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश दिए. मुख्य अभियंता (सतर्कता) द्वारा की गई जांच के बाद निकाय प्रमुख द्वारा ये निर्देश दिए गए है. इस हादसे के बाद मुंबई में जर्जर पुलों को लेकर बहस शुरू हो गई है. खासकर, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, जिसे युनेस्को ने विश्व धरोहर घोषित किया है, उसके आसपास के इलाकों में ‘कसाब पुल’ की मरम्मत नहीं कराने या इस पर ध्यान न देने को लेकर विपक्षी दलों ने सवाल उठाए थे.

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एक अधिकारी ने बताया कि 2017-18 में पुल का संरचनात्मक लेखा परीक्षण करने वाले एग्जीक्यूटिव इंजीनियर एआर पाटिल और 2013-14 में इसके मरम्मत कार्यों का निरीक्षण करने वाले असिस्टेंट इंजीनियर एसएफ काकुल्ते को निलंबित कर दिया गया और उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए. मेहता ने तत्कालीन मुख्य अभियंता (पुल) एसओ कोरी और तत्कालीन उप मुख्य अभियंता आरबी तारे (दोनों सेवानिवृत्त) के खिलाफ भी विभागीय जांच के आदेश दिए हैं. अधिकारी ने बताया कि तदनुसार अधिकारियों के खिलाफ आरोप तय किए जाएंगे.

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आपको बता दें कि इस हादसे के बाद कई मीडिया रिपोर्ट में राज्य सरकार द्वारा मुंबई के पुलों की स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने को लेकर भी सवाल उठाए गए थे. दरअसल, हाईकोर्ट ने 2017 में एलिफिंस्टन ब्रिज और 2018 में अंधेरी ब्रिज हादसे के बाद सरकार को मुंबई के जर्जर पुलों का सर्वे कराने का आदेश दिया था. इसके तहत सरकार ने इस महानगरी के सभी पुलों का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराया था. लेकिन ‘कसाब पुल’ का ऑडिट नहीं कराया गया था. गौरतलब है कि सीएसटी स्टेशन के पास मौजूद इस पैदल पार पुल को मुंबई में ‘कसाब पुल’ के नाम से भी जाना जाता है. 2008 में मुंबई में हुए आतंकी हमलों के समय शहर में आए आतंकवादियों ने इसी पुल के रास्ते का इस्तेमाल किया था, इसी वजह से सीएसटी पुल को ‘कसाब पुल’ कहा जाने लगा.

गुरुवार की शाम करीब साढ़े सात बजे मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस रेलवे स्टेशन को आजाद मैदान पुलिस थाना से जोड़ने वाला फुटओवरब्रिज ढह गया था. भारी भीड़ वाले इलाके में अचानक हुए इस हादसे के कारण 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि 31 लोग घायल हो गए. हादसे के बाद महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने मृतकों के प्रति श्रद्धांजलि देते हुए कहा था कि इस घटना के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. वहीं, हादसे के तुरंत बाद मौके पर पहुंचे राज्य सरकार के मंत्री विनोद तावड़े ने कहा था कि हादसे को लेकर रेलवे और बीएमसी को जांच करने का आदेश दिया गया है. मंत्री ने कहा था कि यह पुल इतनी खराब हालत में नहीं था कि गिर जाए, लेकिन इसकी मरम्मत का काम चल रहा था. मंत्री ने कहा कि मरम्मत के दौरान फुटओवरब्रिज को आवागमन के लिए बंद क्यों नहीं किया गया, राज्य सरकार इसकी जांच कराएगी.

(इनपुट – एजेंसी)