Mumbai News: Farmers Rally in Mumbai: केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे आंदोलनों के बीच आज मुंबई में एक बड़ी रैली हो रही है. मुंबई के प्रसिद्ध आजाद मैदान में हो रही इस रैली को एनसीपी प्रमुख शरद पवार संबोधित करेंगे. माना जा रही है कि इस रैली में बड़ी भीड़ उमड़ने की संभावना है. इस रैली के लिए पुलिस ने व्यापक इंतजाम किए हैं.Also Read - Mumbai में भारतीय नौसेना के जहाज INS Ranvir पर हुए विस्‍फोट में 3 नौसैनिकों ने गंवाई जान

रैली में शामिल होने के लिए रविवार शाम को ही महाराष्ट्र के विभिन्न इलाकों से हजारों की संख्या में किसान मुंबई पहुंच गए थे. पुलिस अधिकारी ने बताया कि किसान रैली के मद्देनजर पुलिस ने दक्षिण मुंबई स्थित आजाद मैदान और उसके आसपास के इलाकों की सुरक्षा की विशेष तैयारी की है और राज्य रिजर्व पुलिस बल (एसआरपीएफ) के जवानों की तैनाती की गई है, इसके साथ ही ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा. Also Read - Salman Khan ने पड़ोसी पर किया मानहानि का केस, कोर्ट का अंतरिम आदेश देने से इनकार, यूट्यूब, FB, ट्विटर और गूगल भी हैं पक्षकार

ऑल इंडिया किसान सभा (एआईकेएस) की महाराष्ट्र शाखा ने एक बयान जारी कर दावा किया कि नासिक से करीब 15 हजार किसान शनिवार को टैम्पो और अन्य वाहनों से मुंबई के लिए रवाना हुए हैं. Also Read - UP Election 2022: समाजवादी पार्टी के साथ NCP का गठबंधन, शरद पवार बोले- लोग BJP...

बयान के मुताबिक सोमवार को होने वाली रैली को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) अध्यक्ष शरद पवार और महा विकास अघाडी (एमवीए) के कुछ प्रमुख नेता संबोधित करेंगे.

राज्य सरकार में सहयोगी कांग्रेस की राज्य इकाई पहले ही इस रैली का समर्थन कर चुकी है. एआईकेएस ने कहा कि विभिन्न इलाकों से किसान नासिक में जमा हुए और शनिवार को मुंबई के लिए रवाना हुए, यात्रा के दौरान रास्ते में और किसान जुड़े.

बयान के मुताबिक मुंबई के लिए कूच करने वाले किसानों ने रात्रि विश्राम के लिए इगतपुरी के पास घाटनदेवी में पड़ाव डाला था. बयान के मुताबिक रविवार सुबह किसान कसारा घाट के रास्ते मुंबई के लिए रवाना हुए .

कसारा घट तक निकाले गए सात किलोमीटर लंबे मार्च में कई महिला किसान भी शामिल हुईं. यह मार्च सुबह नौ बजे शुरू हुआ और समापन पूर्वाह्न 11:30 बजे हुआ, बाद में किसान वाहनों के जरिये आगे की यात्रा पर निकल गए.

कसारा घाट मार्च का नेतृत्व एआईकेएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक धावले और राज्य इकाई के प्रमुख किसन गुज्जर एवं महासचिव अजित नवाले ने किया.

भारतीय ट्रेड यूनियन केंद्र (सीटू) से जुड़े इगतपुरी और शाहपुर तहसील के फैक्टरी कामगारों ने इन किसानों पर पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया. कल्याण-भिवंडी क्रासिंग पर भी किसानों का स्वागत किया गया और खाने के पैकेट वितरित किए गए.

किसान मुलुंद जांच चौकी के रास्ते मुंबई में दाखिल हुए. यह ठाणे की ओर से मुंबई में प्रवेश करने का रास्ता है. विक्रोली के कन्नमवार नगर में वाम दलों से जुड़े सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया.

इसके बाद किसान आजाद मैदान की ओर बढ़ गए जहां पर वे संयुक्त शेतकार कामगार मोर्चा (एसएसकेएम) के बैनर तले आयोजित धरना प्रदर्शन् में शामिल होंगे जो गणतंत्र दिवस तक जारी रहेगा.

बयान में कहा गया, ‘‘यह रैली दिल्ली में कृषि कानूनों को वापस लेने,न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी और पूरे देश में फसलों की खरीद की मांग को लेकर दो महीने से प्रदर्शन कर रहे किसानों के समर्थन में की जा रही है.

उल्लेखनीय है कि किसान समर्थक संगठन संयुक्त किसान मोर्चा ने 23 जनवरी से 26 जनवरी तक राज्यों में राजभवन के समक्ष सहित पूरे देश में विरोध प्रदर्शन करने का आह्वान किया है.