पुणे: नरेंद्र दाभोलकर हत्याकांड में कथित तौर पर सबूतों को नष्ट करने के मामले में गिरफ्तार किए गए एक वकील और एक दक्षिणपंथी कार्यकर्ता को पुणे की एक अदालत ने रविवार को एक जून तक सीबीआई की हिरासत में भेज दिया है. केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने वकील संजीव पुनालेकर और सनातन संसथा के सदस्य विक्रम भावे को शनिवार को मुंबई में गिरफ्तार किया. Also Read - भ्रष्टाचार मामला: CBI ने महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को पूछताछ के लिए बुलाया

दोनों आरोपियों को पुणे स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एस एन सोनावने की अदालत में पेश किया गया, जिन्होंने उन्हें एक जून तक एजेंसी की हिरासत में भेज दिया. इससे पहले कोर्ट ने अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की दलीलें सुनीं. Also Read - Corona Guidelines for Navratri and Ramadan 2021: यूपी, बिहार से लेकर महाराष्ट्र तक, जानिए इन 6 राज्यों में नवरात्र और रमजान को लेकर क्या हैं नियम?

अंधविश्वास विरोधी कार्यकर्ता दाभोलकर की 20 अगस्त, 2013 को पुणे में उस वक्त गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जब वह सुबह की सैर पर निकले थे. प्रारंभिक जांच में सामने आया है है कि पुनालेकर और भावे का दाभोलकर के दो कथित हत्यारों से संपर्क था और उन्होंने सबूतों को मिटाने में भी मदद की.

सीबीआई ने रविवार को अदालत को बताया कि पुनालेकर ने मामले में गिरफ्तार किए गए शूटर शरद कालस्कर से कथित तौर पर उन हथियारों को नष्ट करने को कहा था जिनका इस्तेमाल दाभोलकर और पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या में किया गया था. एजेंसी ने यह भी कहा कि भावे ने कथित तौर पर शूटरों की मदद की और उस जगह का मुआयना किया, जहां दाभोलकर को गोली मारी गई थी.