पुणे: पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की भारतीय राजनीति में कार्यशैली को लेकर अक्सर कई तरह की बातें होती रहती हैं. हाल ही में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की टिप्पणी के बाद राहुल की प्रवृत्ति और उनेक तौर तरीकों को लेकर खूब बाते  कहीं गईं. अब एक बार फिर से राहुल को लेकर बहस छिड़ गई है. इस बार उनके बारे में किसी और पार्टी के नेता ने नहीं बल्कि में एनसीपी चीफ शरद पवार ने बड़ी बात कही है. Also Read - Kisan Andolan: मुंबई रैली में गरजे शरद पवार, पीएम मोदी से पूछा, क्या ये किसान पाकिस्तान के हैं?

राष्ट्रीय नेता के रूप में राहुल गांधी की साख पर टिप्पणी करते हुए राकांपा प्रमुख शरद पवार ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनमें कुछ हद तक ‘निरंतरता’ की कमी लगती है. कांग्रेस के सहयोगी पवार ने हालांकि कांग्रेस नेता पर बराक ओबामा की टिप्पणियों को लेकर कड़ी आपत्ति जताई. Also Read - रेप के आरोपों का सामना कर रहे Dhananjay Munde के खिलाफ कार्रवाई को लेकर NCP प्रमुख शरद पवार ने कही यह बात..

पवार का साक्षात्कार लोकमत मीडिया के अध्यक्ष और पूर्व सांसद विजय दर्डा ने किया. यह पूछे जाने पर कि क्या देश राहुल गांधी को नेता मानने के लिए तैयार है, तो पवार ने कहा कि इस संबंध में कुछ सवाल हैं. उनमें निरंतरता की कमी लगती है. Also Read - Maharashtra Gram Panchayat Chunav Result 2021: भाजपा का बड़ा दावा-सबसे ज्यादा हमारे उम्मीदवार जीते

ओबामा ने हाल ही में प्रकाशित अपने संस्मरण में कहा था कि कांग्रेस नेता शिक्षक को प्रभावित करने के लिए उस उत्सुक छात्र की तरह लगते हैं जिसमें विषय में महारत हासिल करने के लिए योग्यता और जुनून की कमी है . इस बारे में पूछे जाने पर पवार ने कहा कि यह जरूरी नहीं है कि हम सभी के विचार को स्वीकार करें.

उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपने देश के नेतृत्व के बारे में कुछ भी कह सकता हूं. लेकिन मैं दूसरे देश के नेतृत्व के बारे में बात नहीं करूंगा. किसी को उस सीमा को बनाए रखना चाहिए. मुझे लगता है कि ओबामा ने उस सीमा को पार कर लिया.”

कांग्रेस के भविष्य और यह पूछे जाने पर कि क्या राहुल गांधी पार्टी के लिए ‘बाधा’ बन रहे हैं तो पवार ने कहा कि किसी भी पार्टी का नेतृत्व इस बात पर निर्भर करता है कि संगठन के भीतर उन्हें कैसे स्वीकार किया जाता है.