मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्मर परमबीर सिंह के सनसनीखेज दावे के बाद महाराष्ट्र की सियासत की में भूचाल आया हुआ है. इस मामले को लेकर एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने सोमवार को एक प्रेस कांफ्रेस की है. इस प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख का एक बार फिर बचाव किया. साथ ही कहा है कि महाराष्ट्र सरकार पर इस विवाद का कोई असर नहीं पड़ेगा. ऐसे में अब कयास लगाए जा रहे हैं कि इस राजनीतिक भूचाल के बाद अनिल देशमुख की कुर्सी सुरक्षित हो गई है. इस मामले में उनके तुरंत इस्तीफा देने की संभावना अब बहुत कम है.
उन्होंने कहा कि फरवरी महीने में देशमुख अस्पताल में भर्ती थे और पुलिस इंस्पेक्टर सचिन वाजे के साथ उनकी मुलाकात की बात गलत है. पवार ने कहा कि देशमुख 16 से 27 फरवरी तक घर पर ही आइसोलेशन में थे. गौरतलब है कि पूर्व कमिश्नर ने आरोप लगाया था कि देशमुख ने सचिन वाजे से हर माह 100 करोड़ रुपये जुटाने को कहा था.
If you see the former Commissioner’s letter, he mentions that in mid-February he was informed by certain officers that they got such and such instructions from Home Minister…From 6th-16th Feb, Mr Deshmuklh was admitted in the hospital because of Corona: NCP chief Sharad Pawar pic.twitter.com/9J1PNyZ7Vr
— ANI (@ANI) March 22, 2021
शरद पवार ने कहा कि देशमुख पर परम बीर सिंह के आरोप लगता है. वह 5 से 15 फरवरी तक अस्पताल में भर्ती थे. उन्होंने कहा कि परमबीर सिंह ने आरोप लगाकर असली मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश की है. पवार ने आगे कहा कि अगर आप पूर्व आयुक्त के पत्र देखें तो उसमें उन्होंने लिखा है कि फरवरी के मध्य में उन्हें कुछ अधिकारियों ने बताया कि गृह मंत्री से उन्हें ऐसे आदेश मिले हैं, लेकिन 6 से 16 फरवरी तक तो देशमुख कोरोना की वजह से अस्पताल में भर्ती थे.
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