मुंबई: राकांपा प्रमुख शरद पवार ने शुक्रवार को कहा कि वह एजेंसी के कार्यालय नहीं जाएंगे जबकि उन्होंने इस सप्ताह की शुरुआत में ईडी कार्यालय जाने की घोषणा की थी. बता दें कि महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक के भ्रष्टाचार से जुड़े धनशोधन मामले में पवार का नाम भी है.

 

मुंबई पुलिस आयुक्त संजय बार्वे ने पवार से उनके आवास पर मुलाकात की और उनसे ईडी नहीं जाने का अनुरोध किया क्योंकि इससे कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा हो सकती है. पवार ने घोषणा की थी कि वह अपराह्न दो बजे ईडी कार्यालय जाएंगे जबकि एजेंसी ने उन्हें समन जारी नहीं किया है. पवार ने संवाददाताओं से बातचीत के दौरान ईडी की कार्रवाई मामले पर उनका समर्थन करने के लिए शिवसेना और कांगेस का शुक्रिया अदा किया और कहा कि एजेंसी के कदम से ऐसा लगता है कि विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है.

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ईडी ने पवार से कहा: शुक्रवार को आने की जरूरत नहीं, जरूरत होगी, तब बुलाएंगे
प्रवर्तन निदेशालय ने राकांपा अध्यक्ष शरद पवार को ईमेल भेजकर सूचना दी है कि धनशोधन के एक मामले में चल रही जांच के तहत शुक्रवार को उन्हें बयान देने की जरूरत नहीं है और आवश्यक होने पर उन्हें बुलाया जाएगा. आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी. सूत्रों ने बताया कि एजेंसी को बृहस्पतिवार को पवार की ओर से संदेश मिला था कि वह महाराष्ट्र की एक सहकारी बैंक में 25 हजार करोड़ रुपये से जुड़े कथित घोटाले से संबंधित जानकारी देने के लिए मुंबई में एजेंसी के बालार्ड इस्टेट स्थित दफ्तर जाएंगे. प्रवर्तन निदेशालय ने उक्त घोटाले में पवार पर मामला दर्ज किया है.

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एजेंसी ने पवार से कहा- आपका सहयोग सराहनीय
सूत्रों के मुताबिक एजेंसी ने उन्हें दिये जवाब में कहा कि उनका सहयोग सराहनीय है लेकिन उन्हें शुक्रवार, 27 सितंबर को आने की जरूरत नहीं है और जब आवश्यक होगा तो उन्हें बुलाया जाएगा. उन्होंने कहा कि एजेंसी ने पवार को जवाब देते हुए धनशोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत जांच के लिए तय प्रक्रियाओं का पालन किया. पवार ने शुक्रवार को बताया कि उन्होंने ईडी दफ्तर जाने का कार्यक्रम छोड़ दिया है. पूर्व मुख्यमंत्री ने इससे पहले कहा था कि वह 27 सितंबर को दोपहर दो बजे स्वेच्छा से ईडी दफ्तर जाएंगे और इस संबंध में जो भी जानकारी मांगी जाएंगी, देंगे.

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पवार समेत 70 लोगों पर दर्ज है मामला
हालांकि ईडी अधिकारियों ने कहा था कि किसी व्यक्ति या मामले में किसी आरोपी से पूछताछ का फैसला करना जांच अधिकारी का विशेषाधिकार होता है और ऐसे फैसले तब लिये जाते हैं, जब इसके लिए कोई कारण हो. ईडी पीएमएलए के तहत दाखिल शिकायत के अंतर्गत महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक (एमएससीबी) के पूर्व शीर्ष अधिकारियों, चेयरमैन, एमडी, निदेशकों और प्रबंधकीय कर्मियों तथा सहकारी चीनी कारखानों के पदाधिकारियों के खिलाफ आरोपों की जांच कर रही है. एजेंसी ने कर्ज देने आदि में कथित अनियमितताओं के मामले में जांच करने के लिए पवार, उनके भतीजे और राज्य के पूर्व उप मुख्यमंत्री अजीत पवार तथा 70 अन्य लोगों के खिलाफ धनशोधन का मामला दर्ज किया था. (इनपुट एजेंसी)