मुंबई: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने इस साल अप्रैल-मई में बे-मौसम बारिश और ओलावृष्टि से क्षतिग्रस्त फसलों के लिए किसानों को मात्र 11 करोड़ रुपये का मुआवजा देने को लेकर बुधवार को महाराष्ट्र सरकार की निंदा की और इस मदद को अपर्याप्त बताया.

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बस जुमलेबाजी है
राकांपा के मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा कि घोषित मुआवजे से पता चलता है कि सरकार ‘जुमलेबाजी’ में लिप्त है. उन्होंने भाजपा के नेतृत्व वाले शासन को ‘‘किसान-विरोधी’’ बताया. मलिक के हवाले से एक बयान में कहा गया है,‘‘सरकार ने केवल 11 करोड़ रुपये के मुआवजे की घोषणा की है और यह घोषणा कुछ भी नहीं है, बस जुमलेबाजी है.’’

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कर्ज से पूरी तरह छूट नहीं दे रही है और राज्य में सूखे-जैसी स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक कदम नहीं उठा रही है. मलिक ने कहा,‘‘यह स्पष्ट है कि यह किसान-विरोधी सरकार है.’’ उन्होंने कहा कि 18 दिसम्बर को दो सरकारी प्रस्तावों (जीआर) के अनुसार अप्रैल-मई में बेमौसम बरसात के दौरान अपनी फसल का नुकसान झेलने वाले किसानों के लिए क्रमश: 8,14,98,540 रुपये और 2,93,00,655 रुपये के मुआवजे की घोषणा की गई थी. (इनपुट एजेंसी)

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