पुणे: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) में एक नया संकट उभर रहा है. पूर्व उप मुख्यमंत्री विजय सिंह मोहिते-पाटील और उनके बेटे रंजीत सिंह भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं. रंजीत सिंह ने मंगलवार को ट्वीट कर अपने गुस्से का इजहार किया और ‘पार्टी कार्यकर्ताओं से मार्गदर्शन करने के लिए’ कहा, जिन्होंने मढ़ा लोकसभा सीट से राकांपा के टिकट हासिल करने के लिए उनके पिता के साथ संघर्ष में मोहिते-पाटील परिवार का साथ दिया.

रंजीत सिंह ने कहा, “आप बताए क्या और कैसे करना है..क्या हमें बर्दाश्त करते रहना चाहिए, या फिर हमें हमारे भविष्य, प्रगति और विकास के लिए जवाबी हमला करना चाहिए? आप निर्णय करें और यह मेरा निर्णय होगा.” इसके साथ ही उन्होंने समर्थकों से सोलापुर के अकलुज स्थित अपने घर में बैठक में शामिल होने का आह्वान किया.

रंजीत ने सोमवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के विश्वासपात्र जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन से मुलाकात की थी. यह राष्‍ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के लिए दूसरा बड़ा झटका होगा, जहां पिछले सप्ताह मावल लोकसभा सीट को लेकर राकांपा प्रमुख शरद पवार और उनके भतीजे अजीत पवार के बेटे पार्थ के बीच खींचतान चली थी. अंत में, पवार ने इस सीट की दौड़ से पीछे हटने का फैसला किया और पार्थ को मावल सीट से उम्मीदवार बनाया गया.

मोहिते-पाटील परिवार के मामले में एनसीपी ने अपनी दो सूचियों के जारी होने के बाद भी मढ़ा सीट के लिए उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है, जिससे पिता-पुत्र दोनों में काफी बैचेनी है और ऐसे में रंजीत सिंह भाजपा के दरवाजे पर खड़े हैं.

अगर रंजीत सिंह भाजपा में शामिल होते हैं और उन्हें मढ़ा से उम्मीदवार बनाया जाता है, वहीं, दूसरी तरफ राकांपा अपने मौजूदा सांसद व रंजीत सिंह के पिता विजय सिह मोहिते-पाटील को टिकट देती है, तो महाराष्ट्र में यह सीट पिता-पुत्र के चुनावी संघर्ष का गवाह बन सकती है.