नई दिल्‍ली: महाराष्‍ट्र में मुख्‍यमंत्री बीजेपी-शिवसेना के बीच मुख्‍यमंत्री की कुर्सी को लेकर मचे घमासान के बीच विपक्षी दलों एनसीपी और कांग्रेस की निगाहें भी बदल रहे सत्‍ता के समीकरणों पर लगी हुई हैं. राष्‍ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने बुधवार को एक बार फिर अपनी मंशा किंतु-परंतु के साथ जता दी है. एनसीपी के सीनियर नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रफुल्‍ल पटेल ने मुंबई में कहा कि लोगों ने हमें विपक्ष में बैठने का जनादेश दिया है. यदि परिस्थितियां बदली तो हम देखेंगे.

बता दें मुंबई में जहां बीजेपी के विधायक दल के नेता के चयन के लिए बैठक बुलाई गई है, वहीं,शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के निवास मातोश्री पर पार्टी के शीर्ष नेताओं के बीच आगे की रणनीति पर मंथन चल रहा है.

पटेल के बयान से एक दिन पहले मंगलवार को एनसीपी कहा था कि यदि भाजपा महाराष्ट्र विधानसभा में बहुमत साबित करने में नाकाम रहती है तो एक वैकल्पिक सरकार के गठन पर विचार किया जा सकता है. बता दें पार्टी प्रमुख शरद पवार के शिवसेना के साथ जाने की किसी संभावना से इनकार करने के कुछ दिनों बाद प्रवक्ता नवाब मलिक का यह बयान आया था.

एनसीपी प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा था, राज्यपाल (भगत सिंह कोश्यिारी) अगले कुछ दिनों में देवेंद्र जी को सरकार बनाने का न्यौता दे सकते हैं. सवाल यह है कि क्या शिवसेना के मंत्री शपथ लेते हैं या नहीं (फड़णवीस के साथ). और वह (फड़णवीस) को 14-15 दिनों में सदन में अपना संख्या बल साबित करनी होगी. यदि शिवसेना सदन में सरकार गिरने की वजह बनती है.‘तो हम इस बारे में सोच सकते हैं कि क्या किया जा सकता है.