औरंगाबाद: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे ने शुक्रवार को कहा कि न तो बांग्लादेशी और पाकिस्तानी घुसपैठियों के प्रति उनकी नीति बदली है और न ही उनकी पार्टी का झंडा बदला है. बता दें कि MNS इस साल जनवरी में अपना नया झंडा सामने लेकर आई थी, जिसमें छत्रपति शिवाजी महाराज का राजकीय मुहर है, जिसे ‘राज मुद्रा’ कहा जाता है. उस समय कार्यकर्ताओं के एक सम्मेलन में उनके भाषण से मनसे के कट्टर हिंदुत्व राजनीति की ओर उन्मुख होने का संकेत भी मिला था. Also Read - मुंबई में ACP की पोस्‍ट पर रहते हुए महिला ASI से रेप करने के आरोप में Deputy SP पर केस दर्ज

Maharashtra Navnirman Sena प्रमुख ठाकरे ने औरंगाबाद में मीडियाकर्मियों से कहा, ”न तो बांग्लादेशियों और पाकिस्तानियों के प्रति मेरी नीति बदली है और न ही मेरा झंडा बदला है.” Also Read - Maharashtra: रायगढ़ में प्‍लांट से जहरीली गैस के रिसाव से 7 लोग बीमार, अस्‍पताल में चल रहा इलाज

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राज ठाकरे ने कहा कि उनकी पार्टी ने नए झंडे के लिए राज्य चुनाव आयोग को पत्र भेजा था और यह तीन-चार पहले दर्ज कराए गए कई झंडों में एक है. उन्होंने कहा कि राज मुद्रा वाला झंडा पहले भी पार्टी के कार्यक्रमों में प्रदर्शित किया गया है.

राज ठाकरे ने दावा किया कि राज्य सरकार ने बांग्लादेशियों द्वारा चलाए जा रहे रिक्शों और टैक्सियों को हटवाया जब उनकी पार्टी ने यह मुद्दा उठाया. शिवसेना पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि अन्य अपनी नीतियां बदलकर सत्ता में पहुंचे हैं.

जब उनसे राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा एलगार परिषद प्रकरण की जा रही जांच और इसे लेकर राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार के बीच टकराव के बारे में पूछे जाने पर ठाकरे ने कहा, ”इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है कि कौन सी एजेंसी जांच करती है, बस जांच परिणति तक पहुंचनी चाहिए. हम देखते हैं कि कई जांचें शुरू होती हैं, लेकिन वे कभी खत्म नहीं होती हैं.”