New Year Guidelines: ब्रिटेन में कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन के सामने आने के बाद भारत में भी हलचल तेज हो चुकी है. खासकर महाराष्ट्र सरकार इस मामले को लेकर ज्यादा सचेत है क्योंकि महाराष्ट्र में ही सबसे ज्यादा कोरोना के मामले देखने को मिले हैं. ऐसे में राज्य सरकार किसी तरह की कोताही नहीं बरतना चाह रही है. इस कारण महाराष्ट्र सरकार ने यूरोप, खाड़ी देश और दक्षिण अफ्रीका से आने वाले लोगों के लिए सख्ती बढ़ा दी है. इन स्थानों से महाराष्ट्र पहुंचने वाले लोगों को क्वारंटीन किया जाएगा. बता दें कि इनके क्वारंटीन का खर्चा खुद उन्हीं लोगों को उठाना होगा. बता दें कि इस दौरान RT-PCR टेस्ट पांचवे से सातवे दिन के बीच किया जाएगा. अगर रिपोर्ट निगेटिव आती है तो यात्रियों को डिस्चार्ज कर दिया जाएगा. हालांकि अगर यात्री कोरोना संक्रमित है, और उसमें किसी प्रकार के लक्षण नहीं दिखाई दे रहे हैं तो उसे होटल में क्वारंटीन किया जाएगा. Also Read - कोरोना वायरस से संक्रमित पाई गईं शशिकला, विक्टोरिया हॉस्पिटल की गईं रिफर

बता दें कि राज्य सरकार ने नए साल को लेकर भी कई नियम बनाए हैं. इस दौरान नगर निगम क्षेत्रों में 22 दिसंबर से 5 जनवरी के बीच नाइट कर्फ्यू (night curfew) लागू रहेगा. वहीं 25 दिसंबर की और नए साल के जश्न के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है. यही नहीं आदेश में कहा गया है कि अगले 6 महीने तक सभी को फेसमास्क पहनना अनिवार्य है. Also Read - कोविड-19 वायरस के लक्षण को लेकर वैज्ञानिकों ने रिसर्च में किया बड़ा खुलासा, क्या आप भी ऐसा फील करते हैं..?

नवंबर के बाद से राज्य में बाहर से आने वाले हर यात्री की RT-PCR टेस्ट कराने को लेकर आदेश जारी किया गया था. यह रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और हवाई यात्रियों सभी के लिए लागू है. वहीं राज्य सरकार ने बीते दिनों अपने आदेश में साफ कहा था कि दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR), गोवा (Goa), राजस्थान (Rajasthan) और गुजरात (Gujarat) राज्यों से मुंबई पहुंचने वाले हर यात्री की RT-PCR टेस्ट जरूरी है. साथ ही राज्य सरकार ने यह भी कहा है कि यह टेस्ट 72 घंटे से ज्यादा पुरानी नहीं होनी चाहिए. Also Read - भारत अपने पड़ोसी देशों के लिए बना संकटमोचक, इन देशों को आज भेजे जाएंगे Vaccine