Maharashtra, Congress, Nana Patole, Maharashtra Congress president, Mumbai News: महाराष्ट्र ( Maharashtra ) कांग्रेस (Congress) इकाई के नवनियुक्त अध्यक्ष (president) नाना पटोले (Nana Patole) ने एक हफ्ते बाद आज शुक्रवार को औपचारिक रूप से अपने पद की जिम्‍मेदारी संभाल ली है. पटोले ने यह जिम्‍मेदारी पार्टी स्‍टेट चीफ रहे बालासाहेब थोरात (Balasaheb Thorat) के हाथों मुंबई पार्टी के कार्यालय में संभाली है. Also Read - Lockdown in Maharashtra Latest Updates: अभी से खुद को तैयार कर लें लोग, महाराष्ट्र के इस जिले में कल से लग सकता है लॉकडाउन

बता दें कि कांग्रेस हाईकमान ने बीते 5 फरवरी को नाना पटोले को अपनी प्रदेश इकाई का नया अध्यक्ष नियुक्त किया था. पटोले ने इससे पहले महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था. उन्होंने बालासाहेब थोराट का स्थान लिया है जो फिलहाल उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास आघाड़ी सरकार में राजस्व मंत्री हैं. Also Read - Rajasthan में अब 4 और राज्यों से आने वालों के लिए कोरोना जांच रिपोर्ट जरूरी

महाराष्ट्र की वर्तमान राजनीतिक परिस्थिति को देखते हुए पार्टी आलाकमान ने एक गैर-मराठा नेता को प्रदेश इकाई की कमान सौंपने का फैसला किया और कुणबी समुदाय (ओबीसी) से ताल्लुक रखने वाले पटोले इस पद के लिए नेतृत्व की पहली पसंद बने. पटोले किसानों के मुद्दों पर मुखर रहे हैं और किसानों के बीच उनका आधार पर भी माना जाता था. हालांकि, प्रदेश में कांग्रेस के कई दिग्गज नेताओं की मौजूदगी के बीच पार्टी को प्रभावशाली नेतृत्व प्रदान कर पाना उनके लिए एक बड़ी चुनौती मानी जा रही है.

पटोले भंडारा जिले के सकोली से कांग्रेस के तीन बार विधायक रहे. उन्होंने 2014 का लोकसभा चुनाव बीजेपी के टिकट पर लड़ा और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल को भंडारा-गोंदिया सीट से हराया था. साल 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कथित तौर पर मतभेद होने के बाद वह कांग्रेस में शामिल हो गए थे.

कांग्रेस में शामिल होने के बाद उन्हें पार्टी की किसान इकाई ‘अखिल भारतीय किसान कांग्रेस’का अध्यक्ष बनाया गया. 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में वह कांग्रेस पार्टी के टिकट पर विधायक बने. शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस की गठबंधन सरकार बनने के बाद उन्हें विधानसभा अध्यक्ष बनाया गया.

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के करीबी माने जाने जाने वाले 56 वर्षीय पटोले को विदर्भ क्षेत्र के एक आक्रामक नेता के रूप में देखा जाता है. चार बार विधायक रहे पटोले ने थोड़े समय के लिए कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था और 2014 में भंडारा-गोंदिया लोकसभा सीट से उन्होंने राकांपा नेता प्रफुल्ल पटेल को हराया था. बहरहाल, मतभेद के कारण उन्होंने भाजपा छोड़ दी.