मुंबई: केंद्रीय मंत्री एवं बीजेपी नेता नितिन गडकरी शुक्रवार को मुंबई पहुंचे, लेकिन उन्होंने संकेत दिया कि वह महाराष्ट्र में शिवसेना और उनकी पार्टी के बीच जारी गतिरोध को खत्म करने के लिए हस्तक्षेप नहीं करेंगे. गडकरी के दौरे से राजनीतिक खेमे में अटकलें तेज हो गईं हैं कि वह बीजेपी-शिवसेना के बीच मुख्यमंत्री पद की साझेदारी को लेकर दो हफ्तों से चले आ रहे गतिरोध को खत्म करने का प्रयास कर सकते हैं.

मुख्यमंत्री का पद साझा करने के लिए तैयार होंं 
वहीं, शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने कहा कि भाजपा को शिवसेना के पास तभी आना चाहिए जब वह महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री का पद अपनी सहयोगी पार्टी के साथ साझा करने के लिए तैयार हो.

देवेंद्र फडणवीस को इस्तीफा दे देना चाहिए
शिवसेना प्रवक्ता ने संजय राउत ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को इस्तीफा दे देना चाहिए, क्योंकि मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल (नौ नवंबर को) समाप्त हो रहा है. राज्यसभा सदस्य ने कहा, ”भाजपा को कार्यवाहक प्रावधान को नहीं खींचना और पर्दे के पीछे से काम नहीं करना चाहिए. हमें बुरा नहीं लगेगा अगर भाजपा सबसे बड़े दल के रूप में सरकार बनाने का दावा पेश करती है और सरकार बनाती है.”

कांग्रेस और एनसीपी हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप लगाया
शिवसेना और बीजेपी में गतिरोध के चलते राज्य में सरकार गठन में देरी हो रही है. वहीं, बीजेपी नेता सुधीर मुनगंटीवार ने कहा है, कांग्रेस और एनसीपी ने हमारे खिलाफ हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप लगाया है. उन्‍हें इस आरोप को 48 घंटे के अंदर सिद्ध करना चाहिए या फिर महाराष्‍ट्र के लोगों से माफी मांगे.

आज किसी नेता से मुलाकात नहीं कर रहा हूं
गडकरी ने संवाददाताओं से कहा, ”मैं आज किसी नेता से मुलाकात नहीं कर रहा हूं. मैं आज शाम को एक सरकारी कार्यक्रम में शामिल होने यहां आया हूं.”

कोर समिति की बैठक में शामिल होंगे या नहीं
यह साफ नहीं है कि केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के आधिकारिक आवास पर शुक्रवार को तय की गई प्रदेश बीजेपी नेताओं की कोर समिति की बैठक में शामिल होंगे या नहीं.

भाजपा को मुख्यमंत्री पद मिलना चाहिए
हालांकि, गडकरी ने गुरुवार को इस बात पर जोर दिया था कि भाजपा को मुख्यमंत्री पद मिलना चाहिए, क्योंकि पार्टी ने शिवसेना से ज्यादा सीटें जीती हैं. लेकिन शिवसेना का दावा है कि फडणवीस ने फरवरी में कहा था कि दोनों दलों के बीच सभी पदों पर बराबर की साझेदारी होगी.

मुख्यमंत्री पद साझा किए जाने को लेकर उलझे
फडणवीस और भाजपा दोनों ही मुख्यमंत्री पद को शिवसेना से साझा करने और दोनों सहयोगी पार्टियों के बीच विभागों के बराबर बंटवारे से इनकार कर चुकी हैं. बता दें कि ‘महायुती’ के बैनर तले चुनाव लड़ने वाले ये दोनों दल चुनाव नतीजे आने के बाद से मुख्यमंत्री पद साझा किए जाने को लेकर उलझे हुए हैं.

सरकार बनाने का दावा पेश नहीं किया
राज्य में 21 अक्टूबर को हुए चुनावों में 105 सीटें जीत कर सबसे बड़े दल के तौर पर उभरी भाजपा और 56 सीटें जीतने वाली उसकी सहयोगी पार्टी शिवसेना ने अब तक साथ-साथ या अलग-अलग, सरकार बनाने का दावा पेश नहीं किया है.