नागपुर. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को कहा कि देश के सामने पेश आ रही मुख्य समस्याओं में से सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी है. उन्होंने कहा कि रोजगार और नौकरियों के बीच ‘‘अंतर’’ होता है. वह यहां फॉर्च्यून फाउंडेशन द्वारा आयोजित युवा सशक्तीकरण सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे. रोजगार सृजन पर गडकरी ने कहा, ‘‘बेरोजगारी की समस्या से निपटने में हर किसी को नौकरियां नहीं मिल सकती क्योंकि रोजगार और नौकरियों के बीच अंतर है. नौकरियों की सीमाएं हैं और इसलिए किसी भी सरकार की वित्तीय नीति का मुख्य हिस्सा रोजगार सृजन है.’’ आपको बता दें कि इससे पहले भी नितिन गडकरी ने सरकारी नौकरियों को लेकर कहा था कि नौकरियां नहीं हैं, लेकिन लोग आरक्षण मांग रहे हैं. पिछले साल अगस्त में मराठा आरक्षण के मामले पर एक सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा था कि दिनों-दिन नौकरियां घटती जा रही हैं, लेकिन लोग आरक्षण की मांग कर रहे हैं. आरक्षण रोजगार देने की गारंटी नहीं है.

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शुक्रवार को युवा सशक्तीकरण सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा, ‘‘यह सोचने की जरूरत है कि कैसे देश के ग्रामीण और शहरी इलाकों में रोजगार के अवसर पैदा किए जाएं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस और मैं दोनों नागपुर से हैं और हमने विदर्भ के कम से कम 50,000 युवकों को रोजगार मुहैया कराने का फैसला किया था. इसके अनुसार करीब 27,000 युवकों को विभिन्न तरीकों से पहले ही रोजगार के अवसर मिल चुके हैं और अगले साल तक यह 50,000 के आंकड़े को पार कर लेगा.’’