नई दिल्‍ली: महाराष्‍ट्र में बीजेपी-शिवसेना की सरकार के गठन को लेकर दोनों दलों के बीच चल रही रस्‍साकशी के बीच मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि है बीजेपी के नेतृत्‍व में महायुति (महागठबंधन) की स्‍थाई और सक्षम सरकार बनेगी. उन्‍होंने कहा कि हमारे अध्‍यक्ष ने पुष्‍ट‍ि की है कि मुख्‍यमंत्री के पद को लेकर शिवसेना से कुछ भी तय नहीं हुआ था. अभी तक कोई भी फार्मूला तय नहीं किया गया. शिवसेना ने अभी तक कोई मांग नहीं की है. यदि वे मांग करते हैं, तो हम योग्यता के आधार पर निर्णय लेंगे.

बता दें कि बीजेपी की ओर से मुख्‍यमंत्री फडणवीस का यह बयान मंगलवार को तब आया, जब शिवसेना नेता संजय राउत ने पार्टी के सामने अन्‍य विकल्‍पों के सामने और महाराष्‍ट्र में किसी दुष्‍यंत के पिता के जेल में नहीं होने की बात कही है.

महाराष्‍ट्र में सरकार गठन में देरी पर शिवसेना ने कहा, ‘यहां कोई दुष्‍यंत नहीं, जिसके पिता जेल में होें’

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री फडणवीस ने मंगलवार को कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले जब गठबंधन को अंतिम रूप दिया गया था, तब शिवसेना से ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री पद का वादा नहीं किया गया था. राज्य में अगली सरकार में सत्ता में भागीदारी को लेकर बीजेप एवं शिवसेना के बीच चल रही तकरार के बीच फडणवीस ने कहा कि वह अगले पांच साल तक वहीं मुख्यमंत्री रहेंगे.

बता दें कि 24 अक्टूबर को चुनाव परिणाम की घोषणा के बाद से ही कांग्रेस-राकांपा गठबंधन के तबकों की ओर से ऐसे संकेत मिलते रहे हैं कि राज्य में बीजेपी से परे सरकार गठन का शिवसेना का कदम हकीकत में बदल सकता है.

शिवसेना सांसद व प्रवक्‍ता संजय राउत ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में मीडियाकर्मियों से कहा, ” उद्धव ठाकरे जी ने कहा है कि हमारे पास अन्य विकल्प भी हैं, लेकिन हम उन विकल्पों को स्वीकार करने का पाप नहीं करना चाहते. शिवसेना ने सत्य की राजनीति की है और पार्टी सत्ता के लिए भूखी नहीं है.”

भाजपा शिवसेना के बीच गठबंधन होने के बावजूद महाराष्ट्र में सरकार बनाने में विलंब होने के बारे में पूछने पर राउत ने कहा ”महाराष्ट्र में कोई दुष्यंत नहीं है जिसके पिता जेल में हों.” उनका इशारा हरियाणा के उप मुख्यमंत्री और जननायक जनता पार्टी के नेता दुष्यंत चौटाला की ओर था.

राउत ने सोमवार को कहा था कि उनकी पार्टी को महाराष्ट्र में अगली सरकार बनाने के वास्ते विकल्प खोजने के लिए बाध्य नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा था कि राजनीति में कोई संत नहीं हैं. उन्होंने दावा किया था दोनों पार्टियां सत्ता में समान भागीदारी के फार्मूले पर सहमत थीं और मुंबई में तो इस बारे में घोषणा भी कर दी गई थी. राउत संसद में शिवसेना के मुख्य सचेतक और पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ के कार्यकारी संपादक हैं.

बता दें कि पिछले सप्ताह ठाकरे ने भाजपा को उनके तथा भाजपा अध्यक्ष अमित शाह एवं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बीच, 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले 50:50 के फार्मूले पर बनी सहमति की याद दिलाई थी. शिवसेना ने राज्य में अगली गठबंधन सरकार बनाने का दावा करने के बारे में बातचीत करने से पहले भाजपा से ‘‘सत्ता में बराबर की भागीदारी के फार्मूले के कार्यान्वयन का लिखित आश्वासन मांगा है.

गौरतलब है कि महाराष्ट्र में 288 सदस्यीय विधानसभा के लिए हुए चुनाव में बीजेपी को 105, शिवसेना को 56, एनसीपी को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें मिली हैं.