Omicron Update: दूसरी लहर के कहर से राहत मिलने के बाद पूरी दुनिया पर कोरोना ने नए Omicron Variant का खतरा मंडरा रहा है. Omicron को लेकर लगभग सभी देश अलर्ट पर हैं. दुनिया के कई देशों में कोरोना के इस खतरनाक वेरिएंट के पाये जाने के बाद एक बार फिर दहशत का माहौल है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने Omicron को ‘बहुत जोखिम वाला‘ (very high) बताया है. हालांकि अच्छी बात यह है कि भारत में अब तक इसके मामले सामने नहीं आए हैं. केंद्र सरकार ने इसे लेकर राज्यों को सतर्क किया है. राज्य सरकारें भी इसे लेकर ऐहतियाती कदम उठा रहे हैं. इन सबके बीच मुंबई में पिछले 15 दिन में उन अफ्रीकी देशों से करीब 1,000 यात्री आए हैं, जहां कोरोना के नए स्वरूप तथा अधिक संक्रामक ‘ओमीक्रोन’ के मामले सामने आ रहे हैं.Also Read - Mumbai Fire: मुंबई में भाटिया हॉस्पिटल के पास 20 मंजिला इमारत में भीषण आग, 6 की मौत, 28 घायल

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के अतिरिक्त नगरपालिका आयुक्त सुरेश काकानी ने बताया कि अभी तक जिन 466 यात्रियों की सूची मिली है, उनमें से कम से कम 100 की कोविड-19 संबंधी जांच की गई है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने सोमवार को आगाह किया था कि प्रारंभिक साक्ष्य के आधार पर वायरस के नए स्वरूप ‘ओमीक्रोन’ से विश्व को काफी खतरा है और इसके ‘गंभीर परिणाम’ हो सकते हैं. Also Read - ‘WhatsApp Chatbot' की हुई शुरुआत, आपके कितने काम का है ये एप, जानें

संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी ने सदस्य देशों को एक तकनीकी ज्ञापन जारी करते हुए कहा कि नए स्वरूप के बारे में ‘काफी अनिश्चितता’ बनी हुई है. इस नए स्वरूप का पहला मामला दक्षिणी अफ्रीका में सामने आया था. काकानी ने कहा कि इन तमाम चिंताओं के बीच हवाई अड्डा अधिकारियों ने हमें बताया कि पिछले 15 दिन में अफ्रीकी देशों से करीब 1,000 यात्री आए हैं, लेकिन अभी तक 466 यात्रियों की सूची दी गई है. Also Read - Covid 19: जिन लोगों को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है उनमें से 96 फीसद ने वैक्सीन नहीं लगवाई

काकानी ने कहा, ‘466 यात्रियों में से 100 के नमूने लिए गए हैं. उनकी रिपोर्ट जल्द ही आएगी. उसके बाद ही उनके संक्रमित होने या ना होने का पता चल पाएगा. अगर वे संक्रमित नहीं होंगे तो कोई चिंता की बात नहीं, लेकिन संक्रमित लोगों के नमूनों की जीनोम सीक्वेंसिंग की जाएगी. साथ ही, ‘ओमीक्रोन’ का तुरंत पता लगाने के लिए डब्ल्यूएचओ के सुझाव के तहत एस-जीन संबंधी जांच की जाएगी.’

अधिकारी ने बताया कि ‘एस-जीन’ यदि किसी नमूनें मे नहीं पाया गया तो ऐसा माना जा सकता है कि वह यात्री ओमीक्रोन से संक्रमित है. हालांकि, इसकी पुष्टि ‘जीनोम सीक्वेंसिंग’ से ही की जाएगी. उन्होंने बताया कि संक्रमित पाए जाने वाले सभी यात्रियों को महानगरपालिका के संस्थागत पृथक-वास केन्द्र सेवन हिल्स अस्पताल में रखा जाएगा, चाहे उनमें कोई लक्षण हो या ना हो.

(इनपुट: भाषा)