नई दिल्ली: वन नेशन वन इलेक्शन को लेकर देश में बहस जारी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे देश में लोकसभा और राज्यों में विधानसभा चुनाव एक साथ कराए जाने के समर्थन में हैं. वन नेशन वन इलेक्शन की इस बहस को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक कदम और आगे बढ़ाया है. उनका कहना है कि वन नेशन वन इलेक्शन के तहत लोकसभा और विधानसभा के चुनावों के साथ ही स्थानीय निकाय चुनाव भी होने चाहिए. मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा, वन नेशन वन इलेक्शन के विचार के तहत स्थानीय निकाय चुनावों को भी शामिल किया जाना चाहिए. इसे सिर्फ लोकसभा और विधानसभा तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए.

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उन्होंने कहा कि देश में होने वाले हर चुनाव को इसमें शामिल करना चाहिए. चुनावों में बहुत पैसा खर्च होता है. बार-बार पड़ने वाले चुनावों की वजह से फैसले लेने में असुविधा होती है. हर फैसले का किसी न किसी चुनाव पर प्रभाव पड़ता है. उन्होंने कहा कि बार-बार होने वाले इलेक्शन से फैसले लेने की प्रक्रिया प्रभावित होती है.

गौरतलब है कि विधि आयोग लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराए जाने को लेकर अपनी सहमति दे चुका है. हालांकि आयोग ने भी माना है कि विभिन्न बिन्दुओं पर विचार किया जाना अभी बाकी है. विधि आयोग ने अपनी रिपोर्ट में एक साथ चुनाव कराए जाने को सहमति दी है, लेकिन इसके लिए कुछ संविधान संशोधन जरूरी बताए हैं.

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आयोग का कहना है कि भले ही लोकसभा एवं विधानसभा चुनावों को एक साथ कराये जाने के मार्ग में विभिन्न अड़चनों पर विचार कर लिया गया है, लेकिन कुछ मुद्दों पर अभी तक विचार किया जाना बाकी है. आयोग ने सभी पक्षों से इस बात पर सुझाव देने को कहा है कि एक साथ चुनाव करवाया जाना क्या किसी भी तरह लोकतंत्र, संविधान के मूलभूत ढांचे या देश की संघीय नीति के साथ छेड़छाड़ तो नहीं होगी.

अगस्त में चर्चा थी कि केंद्र की राजग सरकार लोकसभा और विधानसभाओं का चुनाव एक साथ कराने के लिए संविधान संशोधन विधेयक ला सकती है. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह वन नेशन वन इलेक्शन के संदर्भ में आयोग को पत्र भी लिख चुके हैं. अधिकांश विपक्षी पार्टियां इसके विरोध में हैं. कांग्रेस वन नेशन वन इलेक्शन के खिलाफ है. पार्टी एक साथ लोकसभा और विधानसभा चुनाव की अवधारणा के प्रति असहमति जता चुकी है. कांग्रेस ने विधि आयोग से कहा था एक साथ चुनाव भारतीय संघवाद की भावना के खिलाफ है.