मुंबई: विपक्षी दलों ने महाराष्ट्र विधानमंडल में राज्यपाल सी विद्यासागर राव के अभिभाषण का मराठी अनुवाद मौजूद ना होने पर सोमवार को विधानमंडल के संयुक्त सत्र का बहिष्कार कर दिया. नाराज विपक्षी दल इसके बाद सेंट्रल हॉल से बाहर चले गए. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बाद में घटना को लेकर माफी मांगी और इस चूक के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की. Also Read - सुशांत सिंह राजपूत ने सुसाइड नहीं की थी, मर्डर हुआ था, किसी को बचा रही है महाराष्‍ट्र सरकार: पूर्व CM राणे

राज्यपाल ने जैसे ही अंग्रेजी में अपना अभिभाषण शुरू किया, सदस्यों ने अपने हेडफोन पहन लिए लेकिन तकनीकी खामी के कारण वह मराठी अनुवाद सुन नहीं पा रहे थे. विपक्षी सदस्यों ने इसकी शिकायत की और फिर सरकार पर मराठी भाषा के अपमान का आरोप लगाते हुए नारेबाजी करने लगे. Also Read - स्ट्रीट वेंडर्स को काम शुरू करने की अनुमति देने का कोई इरादा नहीं: महाराष्ट्र सरकार

भाजपा के सदस्य आशीष शेलार और राज पुरोहित भी अभिभाषण का मराठी अनुवाद ना होने पर आपत्ति जताते दिखे. शिवसेना सदस्यों ने भी इसका विरोध किया. इसके बाद शिक्षा मंत्री विनोद तावडे अनुवाद कक्ष में गए और राज्यपाल के अभिभाषण का मराठी अनुवाद पढ़ा. तावडे मराठी भाषा विभाग के भी प्रभारी हैं. Also Read - Mumbai Traffic Signal: मुंबई के ट्रैफिक सिग्नल पर अब पुरुष की जगह दिखेगी महिला की आकृति, आदित्य ठाकरे ने शेयर की फोटो

विपक्षी जब नारेबाजी कर रहे थे तब फडणवीस और पुरोहित ने उन्हें बताया कि मराठी अनुवाद अब सुना जा सकता है लेकिन उन्होंने इस पर ध्यान नहीं दिया और बाहर चले गए. बाद में जब बजट सत्र के लिए विधानसभा की बैठक शुरू हुई तब विपक्ष के नेता राधाकृष्ण विखे पाटिल ने घटना को मराठी भाषा का ‘‘अपमान’’ बताते हुए उसकी निंदा की.