मुंबई: विपक्षी दलों ने महाराष्ट्र विधानमंडल में राज्यपाल सी विद्यासागर राव के अभिभाषण का मराठी अनुवाद मौजूद ना होने पर सोमवार को विधानमंडल के संयुक्त सत्र का बहिष्कार कर दिया. नाराज विपक्षी दल इसके बाद सेंट्रल हॉल से बाहर चले गए. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बाद में घटना को लेकर माफी मांगी और इस चूक के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की.Also Read - पहले प्रेमी ने बनाए यौन संबंध फिर दोस्तों को भेजा वीडियो, 33 लोगों ने अलग-अलग जगहों पर ले जाकर किया नाबालिग का रेप; अब पुलिस ने...

राज्यपाल ने जैसे ही अंग्रेजी में अपना अभिभाषण शुरू किया, सदस्यों ने अपने हेडफोन पहन लिए लेकिन तकनीकी खामी के कारण वह मराठी अनुवाद सुन नहीं पा रहे थे. विपक्षी सदस्यों ने इसकी शिकायत की और फिर सरकार पर मराठी भाषा के अपमान का आरोप लगाते हुए नारेबाजी करने लगे. Also Read - महाराष्ट्र सरकार ने संशोधित मोटर वाहन अधिनियम लागू किया, कट सकता है 200 से लेकर एक लाख रुपये तक का चालान

भाजपा के सदस्य आशीष शेलार और राज पुरोहित भी अभिभाषण का मराठी अनुवाद ना होने पर आपत्ति जताते दिखे. शिवसेना सदस्यों ने भी इसका विरोध किया. इसके बाद शिक्षा मंत्री विनोद तावडे अनुवाद कक्ष में गए और राज्यपाल के अभिभाषण का मराठी अनुवाद पढ़ा. तावडे मराठी भाषा विभाग के भी प्रभारी हैं. Also Read - महाराष्ट्र सरकार की बड़ी कार्रवाई, मुंबई के पूर्व DGP परमबीर सिंह को निलंबित किया

विपक्षी जब नारेबाजी कर रहे थे तब फडणवीस और पुरोहित ने उन्हें बताया कि मराठी अनुवाद अब सुना जा सकता है लेकिन उन्होंने इस पर ध्यान नहीं दिया और बाहर चले गए. बाद में जब बजट सत्र के लिए विधानसभा की बैठक शुरू हुई तब विपक्ष के नेता राधाकृष्ण विखे पाटिल ने घटना को मराठी भाषा का ‘‘अपमान’’ बताते हुए उसकी निंदा की.