मुंबई: महाराष्ट्र में अब तक कुल 8,200 से अधिक पुलिस कर्मी कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जा चुके हैं. इनमें से सात अधिकारियों समेत 93 पुलिस कर्मियों की मौत हो चुकी है. एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार कोविड-19 पाबंदियां लागू कराने के दौरान 8,200 पुलिस कर्मी कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए. इनमें से 6,314 पुलिस कर्मी ठीक हो चुके हैं. Also Read - राजस्थान में कोरोना वायरस संक्रमण के 1213 नए मामले, अब तक 822 की मौत, बुरा है इन इलाकों का हाल

अधिकारी ने कहा कि 214 अधिकारियों समेत कुल 11,611 पुलिस कर्मियों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है. उन्होंने कहा कि विभाग में अब तक 93 कर्मियों की मौत हो चुकी है. अकेले मुंबई पुलिस में ही 52 से अधिक कर्मियों की जान गई है. Also Read - बिहार में कोरोना के मरीज 90 हजार के पार, अब तक 60 हजार हुए ठीक, 474 की मौत

बता दें कि इस समय देश में कोरोना की सबसे बड़ी मार महाराष्ट्र को ही पड़ी है. महाराष्ट्र में भी कोरोना का सबसे ज्यादा कह माया नगरी में टूटा है. शुक्रवार को मुंबई में कोरोना वायरस संक्रमण के 1,062 नए मामले सामने आए थे जिसके बाद कुल संक्रमितों की संख्या शुक्रवार को 1,06,891 पर पहुंच गई है. बृह्न्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने बताया कि संक्रमण की वजह से 54 मरीजों की मौत हो गई जिसके बाद मृतकों की कुल संख्या बढ़कर 5,981 हो गई. Also Read - शिक्षा मंत्रालय ने दिया देशभर के विश्वविद्यालयों को अंतिम वर्ष की परीक्षा कराने का साफ निर्देश

कोरोन के बढ़ते संक्रमण के कारण महाराष्ट्र में इन दिनों लॉकडाउन लगा हुआ है और आज सीएम उद्धव ठाकरे ने लॉकडाउन को लेकर कई बड़ी बातें कहीं. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने शनिवार को कहा कि वह राज्य में कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लगाए लॉकडाउन (Lockdown in Mumbai) को केवल आर्थिक चिंताओं के कारण पूरी तरह से हटाने के पक्ष में नहीं हैं.

उन्होंने कहा कि वैश्विक महामारी से पैदा हुई चुनौती पर विचार करते हुए स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था से जुड़े मुद्दों के बीच संतुलन बनाने की जरूरत है. उन्होंने कहा, ‘‘मैं कभी नहीं कहूंगा कि लॉकडाउन को पूरी तरह से हटाया जाएगा. लेकिन मैंने कुछ चीजों को धीरे-धीरे फिर से खोलना शुरू कर दिया है. एक बार फिर से खुलने पर इसे दोबारा बंद नहीं किया जाना चाहिए. इसलिए मैं चरणबद्ध तरीके से कदम उठाना चाहता हूं.

उन्होंने कहा, ‘‘कई लोग लॉकडाउन का विरोध कर रहे हैं. उनका कहना है कि लॉकडाउन से अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है. ऐसे लोगों से मैं कहना चाहूंगा कि मैं लॉकडाउन हटाने के लिए तैयार हूं लेकिन अगर इसकी वजह से लोगों की मौत हुई तो क्या आप जिम्मेदारी लेंगे? हम भी अर्थव्यवस्था को लेकर चिंतित हैं.’’

भारत में कोविड-19 के मामलों की संख्या शनिवार को 13 लाख के आंकड़े को पार कर गई। महज दो दिन पहले संक्रमण के मामले 12 लाख के पार हुए थे. इस संक्रामक रोग से अब तक देश में 8,49,431 लोग स्वस्थ हो चुके हैं.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सुबह आठ बजे तक जारी आंकड़ों के अनुसार, देश में कोरोना वायरस के 48,916 नए मामले सामने आए जिसके बाद संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 13,36,861 हो गई. वहीं, 757 और लोगों की मौत होने से मृतक संख्या बढ़कर 31,358 हो गई.