Palghar mob lynching case: महाराष्ट्र के ठाणे जिले में एक विशेष अदलत ने पालघर भीड़ हिंसा मामले में 89 आरोपियों को शनिवार को जमानत दे दी. यह घटना पिछले साल अप्रैल में हुई थी, जिस दौरान दो साधुओं और उनके वाहन चालक की भीड़ ने पीट-पीट कर हत्या कर दी थी.Also Read - Wine at Supermarket: संजय राउत का तर्क, किसानों की आमदनी दोगुना करने को उठाया कदम

जिला न्यायाधीश एस बी बाहलकर ने अपने आदेश में 89 आरोपियों को जमानत दे दी. साथ ही, उन्होंने मामले की अगली सुनवाई की तारीख 15 फरवरी निर्धारित की है. आरोपियों की ओर से पेश हुए वकील अमृत अधिकारी और अतुल पाटिल ने अदालत में दलील दी कि याचिकाकर्ताओं की हमले में कोई भूमिका नहीं थी और पुलिस ने महज संदेह के आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया था. Also Read - भिवंडी के फर्नीचर गोदाम में लगी भीषण आग, कई अन्य गोदाम भी चपेट में आए; कोई हताहत नहीं

इस मामले में कुल 201 लोग गिरफ्तार किये गये थे और उनमें से 75 मुख्य आरोपी जेल में हैं. विशेष सरकारी वकील सतीश मानेशिंदे अभियोजन की ओर से पेश हुए, जबकि अधिवक्ता पीएन ओझा साधुओं के परिवार की ओर से पेश हुए. Also Read - Maharashtra News: मालेगांव की मेयर सहित कांग्रेस के 30 में से 27 पार्षदों ने थामा NCP का दामन

गौरतलब है कि 16 अप्रैल 2020 को मुंबई से 140 किमी दूर पालघर जिले में भीड़ ने दो साधुओं और उनके वाहन चालक की पीट-पीट कर हत्या कर दी थी. इलाके में बच्चा चोरों के घूमने की अफवाह के बीच यह नृशंस घटना हुई थी.

(इनपुट भाषा)