मुंबई: महाराष्ट्र के पालघर में हुई मॉब लिंचिंग की घटना पर सीएम उद्धव ठाकरे ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि ध्‍यान रखें ऐसा दोबारा न हो. पहले उद्धव ठाकरे ने एक ट्वीट कर मॉब लिंचिंग के बारे में अब तक की गई कार्रवाई के बारे में जानकारी दी. उन्होंने लिखा- “पालघर की घटना पर कार्रवाई की गई है. जिन्होंने 2 साधुओं, 1 ड्राइवर और पुलिस कर्मियों पर हमला किया था, पुलिस ने घटना के दिन ही उन सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. इस अपराध और शर्मनाक कृत्य के अपराधियों को कठोर दण्ड दिया जाएगा.” Also Read - Maharashtra में दशहरा से खुलेंगे Gyms और Fitness Centres, लेकिन इन गतिविधियों पर रहेगा प्रतिबंध

इसके बाद सोमवार को दिन में 2 बजे राज्य को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि दोबारा ऐसी घटना न हो. महाराष्ट्र के पालघर जिले में चोर होने के संदेह में बृहस्पतिवार रात तीन लोगों की भीड़ द्वारा पीट-पीट कर हत्या कर देने के मामले में राज्य सरकार ने उच्च स्तरीय जांच का आदेश दिया है. वहीं मुख्यमंत्री उद्घव ठाकरे ने आज कहा कि इस मामले में दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलायी जाएगी. Also Read - दिल्ली की कोर्ट ने मुस्लिम युवाओं की भर्ती मामले में ISIS के 13 सदस्यों को सजा सुनाई

इसके अलावा सीएम ने राज्य को संबोधित करते हुए कहा, “मैं फिर से एक बार कहना चाहता हूं, कुछ लोग इसमें आग लगाने की कोशिश कर रहे है. इसमें हिन्दू मुस्लिम या इसमें साम्प्रदायिकता नहीं है, ये हमला हुआ है ये दुर्भाग्य की बात है, गलतफहमी के शिकार हुए है. जो बहुत निंदनीय बात है.” Also Read - शरद पवार ने PM मोदी से कहा- राज्यपाल ने CM को भेजे पत्र में असंयमित भाषा का इस्‍तेमाल क‍िया

इस दौरान उद्धव ठाकरे ने कोरोना के खिलाफ जंग में शामिल हेल्थ वर्कर्स की भी तारीफ की. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में पहला रोगी 6 सप्ताह पहले पाया गया था. पिछले 6 हफ्तों के दौरान, हम घर में संयम और निराशा के साथ आराम कर रहे हैं, और हमारे सभी डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, सफाई कर्मचारी, पुलिस, राजस्व प्रणाली अत्यधिक तनाव में काम कर रहे हैं.”

मराठी में किए गए अपने संबोधन में उन्होंने कहा, “कोरोना के खिलाफ युद्ध हमारी प्राथमिकता है, और ऐसा करते समय, ऐसी चीजें होती हैं जो आक्रामक होती हैं. कल दोपहर, हर जगह पालघर की खबर थी. पिछले 6 वर्षों में, ऐसी मॉब लिंचिंग की घटनाएं हुई हैं, जो नहीं होनी चाहिए थीं. यह हमारी संस्कृति नहीं है.”