मुंबई : पेट्रोल डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर पूरे देश में आक्रोश का माहौल है. ऐसे में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस का कहना है कि, अगर पेट्रोल, डीजल को भी जीएसटी के दायरे में लाया जाए तो इनकी कीमतों पर अंकुश लगाया जा सकता है. उनका कहना है कि ऐसा करने के लिए सभी राज्यों की सहमति जरूरी है. उन्होंने बताया कि सभी राज्यों के वित्त मंत्रियों के साथ इस विषय पर वार्ता हो रही है. हालांकि महाराष्ट्र के अतिरिक्त अन्य किसी राज्य ने इस पर अभी तक सहमति नहीं दी है. फडणवीस का कहना है कि एक बार जब पेट्रोल एवं डीजल को जीएसटी के दायरे में ले आया जाएगा तो इस पर लगने वाले टैक्स का  दायरा बदल जाएगा. वर्तमान में टैक्स के ऊपर टैक्स लग रहा है जिसके चलते दाम बढ़ रहे हैं. जीएसटी से एकल कर सुनिश्चित होगा. Also Read - महाराष्‍ट्र में COVID19 के 72 नए केस के साथ संक्रमितों का आंकड़ा 302

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि पेट्रोल एवं डीजल की कीमतें कच्चे तेल के अंतरराष्ट्रीय भाव पर निर्भर करती हैं. संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा कि ईंधन की कीमतें कम करने के बारे में एक कमेटी पहले से ही प्रयासरत है. यदि पेट्रोल एवं डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाता है तो इससे कीमतें अपने आप कम हो जाएंगी. उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र सरकार इसके लिए पहले ही सहमति दे चुकी है. हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि जीएसटी परिषद को निर्णय लेने से पहले राजस्व नुकसान जैसे पहलुओं को भी देखना होगा. Also Read - महाराष्ट्र में Covid-19 संक्रमण के 5 नए मामले, राज्‍य में संख्या बढ़कर 230 हुई

फडणवीस के मुताबिक इस मुद्दे पर सभी राज्यों के वित्त मंत्रियों के साथ बातें चल रही हैं. अन्य राज्यों ने अभी तक सहमति नहीं दी है. एक बार जब पेट्रोल एवं डीजल को जीएसटी के दायरे में ले आया जाएगा तो इसका दायरा बदल जाएगा. अभी करों के ऊपर कर लग रहा है जिससे दाम बढ़ जाते हैं. जीएसटी से एकल कर सुनिश्चित होगा. फडणवीस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि केंद्र सरकार राज्यों की सरकारों के पीछे हिमालय की तरह अडिग है और सभी रुकी परियोजनाओं को मोदी सरकार में मंजूरी मिली है. Also Read - 26/11 आतंकी हमले पर आधारित State Of Siege की खूब हो रही तारीफ, 9.7 की मिली रेटिंग

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र ने फडणवीस दावा किया कि सूखे की समस्या को दूर करने, सिंचाई व्यवस्था तैयार करने और सड़कें बनाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी मात्र में फण्ड मुहैया कराया  है. केंद्र सरकार ने पिछले चार साल में महाराष्ट्र को इतना फण्ड दिया है जो पिछले 20 साल में भी नहीं दिया गया था. गौरतलब है कि कर्नाटक चुनाव के दौरान पेट्रोल, डीजल के भाव में 19 दिन तक बदलाव रोकने के बाद से अब तक लगातार हर दिन इनकी कीमतें बढ़ाई गई हैं. इस समय बेहद मंहगे स्तर पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों के चलते कई शहरों में विरोध-प्रदर्शन भी हुए.
( इनपुट एजेंसी )