मुंबई: देश में हाल ही में सामने आए बहुचर्चित पीएमसी बैंक के 4,355 करोड़ रुपए के घोटाले का आरोपी कानूनी शिकंजे और जेल के सीखचों के पीछे जाने के बाद आपनी पूरी संपत्ति बेचने को तैयार हो गया है. बता दें कि ईडी ने निजी जेट और नौका रखने वाले घोटालेबाज बाप-बेटे की 3,830 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की है. Also Read - Explained: कोरोना की दूसरी लहर के दौरान लगाए प्रतिबंध किस तरह से अर्थव्यवस्था को पहुंचा रहे हैं नुकसान?

रियल एस्टेट समूह एचडीआईएल के प्रमोटरों राकेश और सारंग वधावन ने आरबीआई और जांच एजेंसियों से पीएमसी बैंक का बकाया चुकाने के लिए अपनी संपत्तियां बेचने का अनुरोध किया है. ये दोनों पीएमसी बैंक घोटाले में मुख्य आरोपी हैं. राकेश वधावन और उनके पुत्र सारंग को ईओडब्ल्यू ने तीन अक्टूबर को गिरफ्तार किया था. बैंक के पूर्व अध्यक्ष वरियम सिंह के अलावा ईओडब्ल्यू ने बैंक के पूर्व प्रबंध निदेशक जॉय थॉमस को भी गिरफ्तार किया है. Also Read - बर्थडे पर 36 परिजनों को हॉस्पिटल ले गई 6 साल की बच्ची, सभी से कराया ब्लड डोनेट, बोली- यही मेरा बर्थडे गिफ्ट

वधावन पिता-पुत्र के प्रवक्ता ने एक पत्र जारी किया है. मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा के अनुसार, पंजाब एंड महाराष्ट्र कॉओपरेटिव बैंक का घोटाला 4,355 करोड़ रुपए का है. Also Read - RTGS Service will Not Available on Sunday: रविवार को इतने घंटे के लिए बंद रहेगी RTGS सेवा, समय से निपटा लें काम

बता दें कि बीते सोमवार को सोमवार को ईडी ने कहा कि उसने अपनी जांच के दौरान निजी जेट और एक नौका सहित 3,830 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की है.

इस बीच, मजिस्ट्रेट अदालत के बाहर, बैंक के कई खाताधारकों ने विरोध प्रदर्शन किया और अपना धन लौटाने की मांग की गई.उन्होंने मुंबई के पुलिस आयुक्त संजय बर्वे से भी मुलाकात की. प्रदर्शनकारियों में से एक ने बताया कि उन्होंने वादा किया कि ईओडब्ल्यू इस मामले की त्वरित जांच करेगा.

भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंक से धन की निकासी पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिससे कई जमाकर्ता मुश्किल में हैं.

गिरफ्तार किए गए पिता-पुत्र के हस्ताक्षर वाले पत्र में कहा गया है, ‘‘हम प्राथमिकी में लगाए आरोपों को खारिज करते हुए आपसे अपनी कुछ संपत्तियों को बेचने और इसे संबंधित कंपनियों द्वारा लिए कर्ज के रूप में चुकाने के वास्ते फौरन कदम उठाने का अनुरोध करते हैं.’’ पत्र में संपत्तियों की दी गई सूचियों में कई महंगी कारें शामिल हैं.

रियल एस्टेट कंपनी हाउसिंग डेवलपमेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एचडीआईएल) के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक राकेश वधावन और उनके बेटे को पहले मामले के सिलसिले में मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने गिरफ्तार किया था. ईओडब्ल्यू ने आरोप लगाया कि बैंक प्रबंधन ने राकेश वधावन और उनके पुत्र के साथ मिलकर एचडीआईएल समूह की कंपनियों द्वारा कर्ज की राशि के भुगतान में की गई चूक को बैंकिंग नियामकों की जांच से छिपाया.

बैंक अधिकारियों ने एचडीआईएल के 44 ऋण खातों को 21,049 काल्पनिक खातों के साथ बदल दिया है, ताकि रियल एस्टेट समूह द्वारा कर्ज अदायगी में की गई भारी चूक को छिपाया जा सके.