नई दिल्ली: ये खबर उस हर पेरेंट्स को हैरान कर देने वाली है, जिनके बच्चे बस से स्कूल पढ़ने जाते हैं. हिंदुस्तान टाइम्स  की प्रकाशित खबर के मुताबिक, ये वाकया महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के उपनगरीय इलाके ठाणे में तब सामने आया, जब 15 बच्चों से भरी वैन लुइसवाड़ी की ओर से वेस्ट ठाणे के नितिन कंपनी सिग्नल की ओर बढ़ रही थी. इसी दौरान नितिन कंपनी के पास सिग्नल पर अपनी ड्यूटी कर रहे ट्रैफिक पुलिस अफसर ने बस के अंदर से आ रही बच्चों की चीख-पुकार सुनी तो उन्होंने वाहन की दौड़ लगा दी. ट्रैफिक पुलिस अफसर ने देखा कि ड्राइवर के नशे में धुत था और बस पर उसका कंट्रोल नहीं था.

इस ड्राइवर की पहचान 45 साल के सुरेश गंगाराम शिवराले के तौर पर हुई है. दरअसल, वह ठाणे पंचपखेड़ी स्थित सरस्वती एजुकेशन सोसाइटी के बच्चों को स्कूल छोड़ने जा रहा था. ठाणे ट्रैफिक पुलिस के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर अनिल मंगाले ने कहा, ” जब ट्रैफिक पुलिस अफसर ने स्टूडेंट्स की चीखें सुनी, तो वह बस की ओर दौड़े और तुरंत वाहन को रोका. जांच के बाद उन्होंने महसूस किया कि ड्राइवर शराब पिए था और छात्र शिकायत कर रहे थे कि जब से स्कूल से पिकअप किया है, तब से ड्राइवर तेजी से बस दौड़ा रहा है.

सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर मंगाले ने कहा, ” जब ट्रैफिक पुलिस अफसर ने स्टूडेंट्स की चीखें सुनी, तो वह बस की ओर दौड़े और तुरंत वाहन को रोका. जांच के बाद उन्होंने महसूस किया कि ड्राइवर शराब पिए था और छात्र शिकायत कर रहे थे कि जब से स्कूल से पिकअप किया है, तब से ड्राइवर तेजी से वाहन दौड़ा रहा है.

सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर मंगाले ने बताया कि ये वाकया गुरुवार शाम करीब 6:30 बजे का है. वाहन में सेकंडरी सेक्शन से कुल 15 स्टूडेंट थे. बाद में उन्हें ज्ञानेश्वर नगर में उनके घरों तक पहुंचाया गया. ड्राइवर को मोटर व्हीकल एक्ट के तहत शराब पीकर वाहन चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. बच्चों को घर पहुंचाने के बाद वाहन को भी कस्टडी में लिया गया था. रामचंद्र नगर के निवासी ड्राइवर सुरेश गंगाराम शिवराले पुलिस के अल्कोहल टेस्ट में फेल रहा है. इंस्पेक्टर मंगाले ने बताया कि आरोपी ड्राइवर बात करने की स्थिति में नहीं था, हमने उसके परिवार के सदस्यों को बुलाया. ड्राइवर के खिलाफ लगाए गए आरोप बढ़ सकते हैं. ये जांच से निकले निष्कर्षों पर निर्भर करेगा.