नई दिल्ली: राज्यसभा (Rajya Sabha) में शिवसेना (Shiv Sena) सदस्य प्रियंका चतुर्वेदी (Priyanka Chaturvedi) ने सरकार से सवाल करने वाले मीडिया संगठनों पर ‘नियंत्रण के लिए’ तरीके सुझाने की खातिर कथित तौर पर पिछले साल मंत्रियों का एक समूह गठित किए जाने का मुद्दा उठाया. उन्होंने शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि नौ मंत्रियों के समूह का गठन कथित तौर पर “कुछ मीडिया एजेंसियों को काबू करने के लिए किया गया था जिनके सुर सरकार के खिलाफ थे.”Also Read - आप ने राज्यसभा के लिए संत बलबीर सीचेवाल और विक्रमजीत सिंह साहनी के नाम तय किए, दोनों पदमश्री

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उन्होंने कहा, “राष्ट्र के खिलाफ नहीं बल्कि सरकार के खिलाफ.” शिवसेना सदस्य के अनुसार, समूह को कहा गया था कि “उन्हें कैसे काबू किया जाए और उन एजेंसियों को कैसे बढ़ावा दिया जाए जो सरकार के पक्ष में बोल रही हैं.” मंत्रियों के समूह में कथित तौर पर विदेश मंत्री एस जयशंकर (S Jaishankar), कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद (Ravishankar Prasad), कपड़ा और महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी (Smriti Irani) तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर (Prakash Jawedkar) शामिल थे. Also Read - महाराष्ट्र : शिवसेना नेता संजय राउत और संजय पवार ने राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया

चतुर्वेदी ने कहा, “हम लोकतंत्र में ऐसी एजेंसियों के बीच कैसे भेदभाव कर सकते हैं जो देश के लोगों के लिए बोलती हैं और जो सरकार के खिलाफ बोलती हैं तथा उनसे सवाल करती हैं. “उन्होंने कहा, ‘‘क्या यह अभिव्यक्ति की आज़ादी के साथ-साथ प्रेस की आज़ादी के खिलाफ नहीं है?’’

(इनपुट भाषा)