Coronavirus Cases in Pune: महाराष्ट्र के पुणे शहर ने कोरोना केस के मामले में देश के सभी शहरों को पीछे छोड़ दिया है. पुणे में 31 अगस्त यानी कल तक कोरोना के कुल 175,105 मामले हो चुके थे, जबकि दिल्ली में सोमवार तक 1,74,748 मामले थे. गौरतलब है कि महाराष्ट्र कोरोना वायरस संक्रमण से बुरी तरह प्रभावित है.Also Read - Maharashtra Lockdown Update: टीकाकरण वालों को मिल सकती है प्रतिबंधों से पूरी छूट, अजित पवार बोले- सोमवार को होगी मीटिंग

कोरोना के एक्टिव केस के मामले में भी पुणे की स्थिति सबसे खराब है. यहां अब भी कोरोना के 52172 सक्रिय मामले हैं, जबकि मुंबई में केवल 20 हजार जबकि दिल्ली में केवल 15 हजार लोग कोविड पॉजिटिव हैं. Also Read - Maharashtra: पुणे में लव अफेयर का खौफनाक अंजाम, सरेआम प्रेमी और दोस्‍त की पीट-पीटकर हत्‍या, प्रेमिका घायल

पुणे में अब तक 4069 लोगों की मौत हुई है, जबकि 1,18,324 लोग संक्रमण से ठीक हुए हैं. उपमुख्यमंत्री अजित पवार पुणे जिले के प्रभारी मंत्री भी हैं. वही यहां की स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं. Also Read - Maharashtra News: 4-4 शादी, 53 महिलाओं से अफेयर, ऐसे गिरफ्तार हुआ सेना का फर्जी अफसर

इस बीच राज्य में कोरोना के लगातार बढ़ते मामलों के बीच मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की सरकार ने सोमवार को लोगों और सामान की विभिन्न जिलों के बीच आवाजाही से पाबंदी हटा दी और अपने कार्यालयों में लोगों की उपस्थिति बढ़ाने समेत कई और राहत देते हुए कोविड-19 की वजह से राज्य में लागू सामान्य बंदी (लॉकडाउन) को 30 सितंबर तक बढ़ा दिया.

सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों के तहत दो सितंबर से होटल और लॉज का संचालन पूर्ण क्षमता से हो सकेगा लेकिन स्कूल, कॉलेज, सिनेमाघर और तरणताल 30 सितंबर तक बंद रहेंगे.

पाबंदियों में यह रियायत ऐसे वक्त दी गई है जब महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों का बड़ी संख्या में मिलना लगातार जारी है और इसमें कोई गिरावट नजर नहीं आ रही. सरकार ने घोषणा की कि दो सितंबर से लोगों और सामान की विभिन्न जिलों के भीतर आवाजाही पर कोई पाबंदी नहीं होगी.

सरकार ने अपने आदेश में कहा कि अब लोगों को एक जिले से दूसरे जिले में यात्रा के लिये कोई अनुमति या ई-परमिट दिखाने की जरूरत नहीं होगी. आदेश के मुताबिक, सरकार ने निजी बसों-मिनी बसों और अन्य वाहन चालकों द्वारा यात्रियों की आवाजाही की भी इजाजत दे दी है. राज्य के परिवहन आयुक्त इसके लिये मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी करेंगे.