मुंबई: कोरोना से संबंधित लॉकडाउन के मामले में महाराष्ट्र में कुछ राहत दी गई है. मंगलवार के दिन महाराष्ट्र सरकार द्वारा अनलॉक के नए नियम जारी किए गए. इसके तहत 22 जिलों में लागू प्रतिबंधों में कई तरह की छूट दी गई है. लेकिन बाकी 11 जिलों में कोरोना संक्रमण की दर अधिक होने के कारण कड़े प्रतिबंध अब भी कायम हैं. बता दें कि इनमे पहले की तरह की लेवल 3 के नियम लागू हैं. इन 11 जिलों में पुणे भी शामिल है. इस कारण व्यापारी महासंघ ने सरकार के फैसले से नाराजगी जताई है.Also Read - Coronavirus cases In India: 24 घंटे में 30,256 लोग हुए संक्रमित, 295 लोगों की हुई मौत

पुणे के व्यापारियों का कहना है कि राज्य सरकार द्वारा लिया गया निर्णय निराशाजनक है. पुणे में संक्रमण दर 3 प्रतिशत से कम हैं. सोमवार के दिन यह 2 प्रतिशत से भी नीचे आ गई है. ऐसे में नए नियमों के तहत पुणे और पिंपरी चिंचवड में नियमों में ढील देनी चाहिए थी. कहा गया था कि दुकानों को खोलने की समय सीमा को बढ़ा दिया जाएगा. लेकिन ऐसा नहीं हुआ और पुणे में कड़े प्रतिबंध को कायम रखा गया है. इस कारण व्यापारियों ने इस निर्णय को तुरंत बदलने की मांग की है. Also Read - COVID-19 Update: कोरोना के 30,773 नए केस आज आए, केरल के 19,325 मामले शामिल, एक्‍ट‍िव मरीजों की संख्‍या घटी

बता दें कि ब्रेक द चेन का आदेश 2 अगस्त को जारी किया गया. इसके तहत राज्य के 22 जिलों में प्रतिबंधों में छूट दी गई. मुंबई के लिए अलग नियम जारी किए हैं. लेकिन पुणे के लोगों द्वारा भेदभाव का आरोप लगया गया है. बता दें के पुणे के महापौर मुरलीधर मोहोल ने भी इस बाबत आपत्ति जताई है. Also Read - Rajasthan: पिता ने 4 बेटियों को पहले जहर खिलाया, पानी के टैंक में डुबोकर मारा, फिर सुसाइड की कोशिश की