एक ओर जहां मोदी सरकार नोटबंदी के बाद लोगों को पैसे मुहैया कराने में जुटी है तो वहीं दूसरी ओर इस मुद्दे पर अब सियासत शुरू हो गई है। इसी के चलते आज कांग्रेस के उपाध्यक्ष मुंबई के वाकोला इलाके में एक एटीएम पहुंचे। वहां उन्होंने लोगों से और सेनियर सिटिज़न से उनकी परेशानी पूछी। कांग्रेस के उपाध्यक्ष से इस दौरान एटीएम की लाइन में लगी एक बुजुर्ग महिलाओं से राहुल गांधी ने बातचीत की। लाइन में लगे लोगों ने राहुल गाँधी को बताया की वे दो से तीन दिनों से लाइन में लगे है मगर उन्हें पैसा नहीं मिला है। यह भी पढ़े: RSS मानहानि मामले में भिवंडी कोर्ट से राहुल गांधी को मिली जमानत Also Read - मार्केट इंटरवेंशन स्कीम के विस्तार को मंजूरी, मोदी सरकार के फैसले से जम्मू-कश्मीर के सेब उत्पादकों की बढ़ेगी कमाई

इस दौरान राहुल ने नोटबंदी के कारण देश में प्रत्येक नागरिक को हो रही पीड़ा का उल्लेख करते हुए कहा कि लोगों को भारी कठिनाइयों के बीच रख दिया गया है। उन्होंने कहा, “लेकिन, मोदी हंस रहे हैं और रो रहे हैं। जबकि, उद्योगपति या कालाधन जमा करने वाले पुराने नोट बदलने के लिए लंबी कतारों में नहीं खड़े हैं।” उन्होंने साथ ही महाराष्ट्र की बीजेपी सरकार पर भी निशाना साधा और कहा कि लाइनों में लगे लोगों की मदद के लिए यहां सुविधाएं मुहैया कराई जानी चाहिए। यह भी पढ़े:  नोटबंदी के विरोध में राष्ट्रपति भवन तक पैदल मार्च, ममता बोलीं ये सरकार का तुगलकी फरमान

बता दें की राहुल आज भिवंडी की अदालत में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के एक कार्यकर्ता राजेश कुंठे द्वारा दायर मानहानि के एक मामले में पेश हुए। अदालत ने राहुल को । मामले की अगली सुनवाई 28 जनवरी, 2017 को होगी। जमानत दी है। मामले की अगली सुनवाई 28 जनवरी, 2017 को होगी।

कांग्रेस उपाध्यक्ष ने पेशी के बाद भिवंडी के लोगो को संबोधित भी किया। उन्होंने कहा, कि वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के खिलाफ विचारधारा की लड़ाई लड़ने आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विगत दो वर्षो में मोदी ने 15 उद्योगपतियों के 110,000 करोड़ रुपये के ऋण माफ किए हैं, जिनकी मदद से देश चलाया जा रहा है।

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