नई दिल्ली: लॉकडाउन के कारण फंसे श्रमिकों से रेलवे द्वारा कथित तौर पर भाड़ा लिए जाने की आलोचना होने के बीच सूत्रों ने सोमवार को कहा कि अब तक चलाई गईं 34 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के लिए महाराष्ट्र को छोड़कर विभिन्न राज्य सरकारों ने भुगतान किया है. Also Read - Lockdown 5.0: इस दिन से लागू होगा लॉकडाउन 5.0! मन की बात में पीएम मोदी कर सकते हैं ऐलान, जानें क्या होंगे नए नियम

कई विपक्षी दलों ने मांग की है कि प्रवासी श्रमिकों से ट्रेन टिकट के पैसे नहीं लिए जाने चाहिए. वहीं, कांग्रेस ने ऐसे प्रवासियों के लिए भुगतान करने की पेशकश की. रेल किराए को लेकर पैदा विवाद के बीच भाजपा ने कहा कि रेलवे पहले ही यात्रा लागत का 85 प्रतिशत वहन करते हुए सब्सिडी पर टिकट मुहैया करा रहा है. Also Read - लॉकडाउन में इस बात से बहुत परेशान हो गए अमिताभ बच्चन, फैंस से मांगी माफी

लागत का सिर्फ 15 प्रतिशत किराया 
रेलवे ने इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं जारी किया है. लेकिन अनौपचारिक रूप से कहा गया कि यह एक “राजनीतिक लड़ाई” है. अधिकारियों का कहना है कि रेलवे राज्य सरकारों से इन विशेष ट्रेनों के लिए केवल मानक किराया वसूल रहा है, जो कुल लागत का सिर्फ 15 प्रतिशत है. Also Read - Lockdown 5.0: एक बार फिर बढ़ने जा रही है लॉकडाउन की अवधि! क्या होंगे नए नियम, जानें सबकुछ

 ट्रेनें गंतव्य से खाली लौट रही हैं
रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ”रेलवे सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए प्रत्येक कोच में बर्थ खाली रखते हुए श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चला रहा है.” ट्रेनें गंतव्य से खाली लौट रही हैं.

मुफ्त भोजन और बोतलबंद पानी दिया जा रहा है
रेलवे द्वारा प्रवासियों को मुफ्त भोजन और बोतलबंद पानी दिया जा रहा है. हम अब तक 34 ऐसी ट्रेनें चला चुके हैं और आगे भी चलाते रहेंगे. हमारे एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) में कहीं भी, हमने नहीं कहा है कि यात्रा करने वाले प्रवासियों से किराया लिया जाएगा.

राजस्थान, तेलंगाना और झारखंड ने भी भुगतान किया है
सूत्रों ने बताया कि राजस्थान, तेलंगाना और झारखंड जैसे राज्यों ने श्रमिकों की यात्रा के लिए भुगतान किया है. राजस्थान, तेलंगाना जैसे राज्यों से विशेष ट्रेनें चली हैं और झारखंड तक ट्रेनें पहुंची हैं.

गुजरात सरकार ने एनजीओ को संबद्ध किया
सूत्रों ने कहा कि गुजरात सरकार ने यात्रा पर आने वाले खर्च का एक हिस्सा देने के लिए एक एनजीओ को संबद्ध किया है. उन्होंने कहा कि केवल महाराष्ट्र सरकार यात्राओं के लिए प्रवासी श्रमिकों से पैसे ले रही है.

महाराष्‍ट्र सरकार ने कहा- रेलवे प्रवासियों के परिवहन का खर्च वहन करे
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितिन राउत ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर राज्य से बाहर जाने प्रवासियों की यात्रा का खर्च वहन किए जाने का अनुरोध किया है. राउत ने रविवार को रेल मंत्री पीयूष गोयल को भी पत्र लिखकर अनुरोध किया कि रेलवे राज्य से प्रवासियों के परिवहन का खर्च वहन करे.

बिहार सरकार भी रेलवे को पैसे दे रही है
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को एक वीडियो बयान में कहा कि राज्य सरकार प्रवासियों के परिवहन के लिए रेलवे को पैसे दे रही है. उन्होंने कहा, किसी भी प्रवासी को अपनी यात्रा के लिए पैसे देने की आवश्यकता नहीं है.

महाराष्ट्र से अब तक 35 हजार प्रवासी श्रमिकों को उन गृह राज्यों में भेजा गया
महाराष्ट्र से अब तक लगभग 35 हजार प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह राज्य भेजा गया है. राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी. केंद्र ने लॉकडाउन के मद्देनजर प्रवासी मजदूरों को ट्रेन से उनके घर भेजने की अनुमति दी थी.

यात्रा करने से पहले एक प्राथमिक चिकित्सा जांच
अधिकारी ने कहा कि इन श्रमिकों को चिकित्सा जांच और अन्य सभी एहितयाती उपाय किये जाने के बाद भेजा गया है. उन्होंने कहा, ”अब तक, हमने 35 हजार प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह राज्यों में भेजा है. हम जांच के बाद और लोगों को भी भेज रहे हैं. प्रत्येक श्रमिक को यात्रा करने से पहले एक प्राथमिक चिकित्सा जांच से गुजरना होगा. महाराष्ट्र सरकार प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह राज्यों में वापस भेजने की योजना बनाने से पहले ही अन्य राज्यों के संपर्क में हैं.