मुम्बई: कोरोना वायरस का कहर पूरे देश में जोरों पर है ऐसे में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने शुक्रवार को कहा कि वैश्विक महामारी कोविड-19 संकट के मद्देनजर अयोध्या में राम मंदिर के लिए अभी ‘भूमि पूजन’ कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता नहीं थी और इसे स्थिति सामान्य होने के बाद आयोजित किया जा सकता था.Also Read - Covishield: ब्रिटेन ने कोविशील्ड को दी मान्यता लेकिन फंसा है पेच- अब वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट को लेकर जारी किया बयान

राम मंदिर के लिए भूमि पूजन का कार्यक्रम पांच अगस्त को आयोजित किया जा रहा है. ठाकरे ने ‘ई- भूमि पूजन’ के महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के सुझाव को भी खारिज कर दिया और कहा कि भूमि पूजन का कार्यक्रम बड़े उत्साह के साथ आयोजित किया जाना चाहिए. Also Read - Coronavirus cases In India: 1 दिन में कोरोना से 26,964 लोग हुए संक्रमित, 186 दिनों में सबसे कम एक्टिव मामले आए सामने

मनसे प्रमुख ने मराठी समाचार चैनल से कहा, ‘‘ इस समय भूमि-पूजन की आवश्यकता नहीं थी क्योंकि अभी लोगों की मानसिक स्थिति बिल्कुल अलग है. स्थिति सामान्य होने पर इसे दो महीने बाद भी किया जा सकता था. तब लोग इस कार्यक्रम का आनंद भी उठा पाते.’’ Also Read - Covishield: ब्रिटेन की वैक्सीन नीति को लेकर सरकार ने चेताया, कहा- यह भेदभावपूर्ण रवैया, हम भी लेंगे जवाबी एक्शन

श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र न्यास ने अयोध्या में भूमि पूजन के लिए प्रधानमंत्री को आमंत्रित किया है. न्यास के सदस्यों के अनुसार, राम मंदिर का निर्माण शुरू करने के वास्ते भूमि पूजन के लिए प्रधानमंत्री के पांच अगस्त को अयोध्या का दौरा करने की उम्मीद है.

आपको बता दें कि गरुवार को खबर सामने आई थी कि राम मंदिर के चार प्रमुख पुजारियों में प्रदीप दास कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए और इसके अलावा मंदिर परिसर की सुरक्षा में तैनात 16 पुलिस कर्मी भी कोरोना वायरस पॉजिटिव पाए गए. इस खबर के सामने आते ही पुजारी प्रदीप दास और 16 पुलिसकर्मियों को क्वारंटीन कर दिया गया था.