मुंबई: कांग्रेस महासचिव राजीव सातव, शिवसेना की उप नेता प्रियंका चतुर्वेदी और एनसीपी की मंत्री फौजिया खान ने शुक्रवार को महाराष्ट्र की राज्यसभा सीटों के लिए अपने नामांकन पत्र दाखिल किए. एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार और केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले, मराठा योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज भाजपा नेता उदयनराजे भोसले 26 मार्च को होने वाले चुनाव के लिए पहले ही नामांकन पत्र दाखिल करा चुके हैं. Also Read - COVID19: मुंबई की यह मुस्लिम फैमिली हर रोज 800 से ज्‍यादा भूखे लोगों को फ्री खाना खिला रही

पवार और आठवले वर्तमान में भी राज्यसभा सदस्य हैं. महाराष्ट्र से राज्य सभा की दो सीटें 2 अप्रैल से खाली हैं. शुक्रवार नाकांकन पत्र दाखिल करने का अंतिम दिन है. महाराष्ट्र में राज्यसभा की सीटों के लिए 26 मार्च को चुनाव होना है. Also Read - लोगों को लाने के लिए विमान का प्रयोग तो गरीबों के लिए बस का क्यों नहीं : कांग्रेस

वहीं. आगामी राज्यसभा चुनाव में शिवसेना द्वारा महाराष्ट्र से प्रियंका चतुर्वेदी को उम्मीदवार बनाए जाने से पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं औरंगाबाद से पूर्व सांसद चंद्रकांत खैरे नाराज नजर आ रहे हैं. चतुर्वेदी की उम्मीदवारी की घोषणा के बाद खैरे ने पार्टी नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि आदित्य ठाकरे की शिवसेना को शायद उनके जैसे पुराने नेताओं की जरूरत नहीं है. Also Read - CM योगी ने दूसरे राज्‍यों से की अपील, यूपी के लोगों के खाने-रहने की व्‍यवस्‍था करें, हम खर्च देंगे

खैरे ने यहां संवाददाताओं से कहा, आदित्य ठाकरे की शिवसेना को अब मेरे जैसे पुराने सहकर्मियों की जरूरत नहीं रह गई है. उन्होंने शिवसेना नेतृत्व पर तंज कसते हुए यह भी कहा कि चतुर्वेदी अच्छी अंग्रेजी और हिंदी बोलती हैं, वह संसद में कहीं अधिक प्रभावी तरीके से मुद्दों को रख सकेंगी.

बता दें कि चतुर्वेदी कांग्रेस छोड़ कर अप्रैल 2019 में शिवसेना में शामिल हुई थी. उस वक्त शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा था कि शिवसेना कार्यकर्ता को चतुर्वेदी के रूप में एक अच्छी बहन मिल गई है. शिवसेना नेता खैरे ने कहा कि वह दो दशक तक सांसद रहे हैं.

चार बार सांसद रहे और पिछले लोकसभा चुनाव में औरंगाबाद सीट पर एआईएमआईएम के इम्तियाज जलील से पराजित हुए खैरे ने कहा, राज्यसभा के लिए मेरी उम्मीदवारी मराठवाड़ा क्षेत्र की मांग की थी और यदि मुझे उम्मीदवार बनाया जाता तो पार्टी को इस क्षेत्र में कहीं अधिक मजबूती मिलती. उन्होंने कहा, मेरी पार्टी आलाकमान से बात हुई थी और शिवसेना के नेताओं ने भी पार्टी नेतृत्व से कहा था कि राज्यसभा उम्मीदवार मुझे बनाया जाना चाहिए. लेकिन आदित्य ठाकरे ने चतुर्वेदी के नामांकन पर जोर दिया. उन्होंने कहा, मैं शुरूआत से शिवसैनिक रहा हूं और पार्टी के संस्थापक बाल ठाकरे तथा पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे के साथ काम किया है. मैं अपनी अंतिम सांस तक पार्टी के लिए काम करता रहूंगा.