मुंबई: महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री धनंजय मुंडे पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली मुंबई की महिला ने पुलिस में दर्ज कराई अपनी शिकायत वापस ले ली है. एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि महिला ने जांच करने वाले अधिकारी से कहा है कि वह मुंडे के खिलाफ अपनी शिकायत वापस ले रही है, हालांकि महिला ने यह नहीं बताया कि उसके इस फैसले के पीछे वजह क्या है. उन्होंने बताया कि पुलिस ने शिकायतकर्ता महिला से इस संबंध में नोटरी द्वारा प्रमाणित हलफनामा देने को कहा है.Also Read - UP Election 2022: समाजवादी पार्टी के साथ NCP का गठबंधन, शरद पवार बोले- लोग BJP...

महिला ने सामाजिक न्याय मंत्री मुंडे (45) पर आरोप लगाया था कि उन्होंने 2006 में शादी करने का वादा करके उनका बलात्कार और यौन उत्पीड़न किया. महिला ने इस बाबत 11 जनवरी को पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी. Also Read - Sharad Pawar का दावा - UP के 13 विधायक SP में शामिल होंगे, NCP भी साथ में चुनाव लड़ेंगी

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी और महिला अपने बयान दर्ज करवाने के लिए ओशीवारा पुलिस थाने भी गई. बीड जिले से वरिष्ठ राकांपा नेता मुंडे ने इन आरोपों से इनकार किया और इन्हें ब्लैकमेल करने का प्रयास बताया. हालांकि मंत्री ने यह स्वीकार किया कि शिकायतकर्ता महिला की बहन से उनके संबंध थे. Also Read - Sharad Pawar का बड़ा बयान- '2019 में महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए PM मोदी ने किया था गठबंधन का ऑफर लेकिन...'

इससे पहले राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने कहा था कि महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री धनंजय मुंडे के खिलाफ आरोप साबित होने तक किसी तरह की कार्रवाई से इनकार किया है. मुंबई की एक महिला ने मुंडे के खिलाफ दुष्कर्म का आरोप लगाया था.

पवार ने पणजी में संवाददाताओं से कहा कि था कि जांच के बाद आरोप साबित होने पर ही मुंडे के खिलाफ कोई कार्रवाई की जाएगी. महाराष्ट्र में मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा मुंडे का इस्तीफा मांग रही है. राकांपा प्रमुख ने कहा कि किसी व्यक्ति के खिलाफ आरोप लगाना और इस्तीफे की मांग करना चलन बन गया है.

क्या राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) मुंडे के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई करने का विचार कर रही है, यह पूछे जाने पर पवार ने कहा, ‘‘आरोपों की जांच होनी चाहिए और सच सामने आना चाहिए. अगर आरोप सच हैं तो कार्रवाई की जिम्मेदारी हमारी है.’’

पवार ने कहा, ‘‘लेकिन आरोप साबित होने तक कार्रवाई करना उचित नहीं होगा.’’ महाराष्ट्र में शिवसेना के नेतृत्व वाली महाविकास आघाड़ी सरकार में राकांपा भी घटक है. सामाजिक न्याय मंत्री मुंडे (45) ने दुष्कर्म के आरोपों को खारिज करते हुए इसे ‘‘ब्लैकमेल’’ करने का प्रयास बताया था.