मुंबई: बिहार में अपने साझीदार दलों, जदयू और लोकजनशक्ति पार्टी के रवैये से परेशान बीजेपी के लिए महाराष्ट्र से भी बुरी खबर है. एनडीए में शामिल रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया ने राज्य सरकार में हिस्सेदारी की मांग की है. Also Read - बीजेपी का बड़ा आरोप- दिल्ली में केजरीवाल सरकार ने 60 प्रतिशत कम की कोरोना टेस्टिंग, इसीलिए बढ़ रहे मामले

रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा है कि उनकी पार्टी हमेशा बीजेपी के साथ खड़ी रही है. महाराष्ट्र में गठबंधन में शामिल दूसरी बड़ी पार्टी शिवसेना 2019 के चुनावों में अकेले उतरने की बात कर रहा है, लेकिन उनकी पार्टी ने कभी ऐसा नहीं कहा. उन्होंने कहा है कि महाराष्ट्र सरकार में रिपब्लिकन पार्टी को एक मंत्रीपद के अलावा पार्टी के एक उम्मीदवार को विधान परिषद का उम्मीदवार बनाया जाना चाहिए. Also Read - पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में राजीव गांधी की प्रतिमा पर कालिख पोती, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दूध से साफ की

अठावले ने कहा है कि वह इस संबंध में जल्द ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात करेंगे. उन्होंने कहा कि आरपीआई को सीटों के बंटवारे में पांच प्रतिशत हिस्सा चाहिए और इस प्रकार राज्य मंत्रिमंडल में आरपीआई का एक मंत्री होना चाहिए. महाराष्ट्र विधान परिषद के लिए अगले चरण का चुनाव 16 जुलाई को होना है और अठावले ने कहा है कि फडणवीस को एक सीट पर आरपीआई उम्मीदवार का समर्थन करना चाहिए. रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अठावले) का वर्तमान में महाराष्ट्र विधानसभा और विधान परिषद में कोई सदस्य नहीं है.

बता दें कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही एनडीए के घटक दल बीजेपी पर दबाव बनाने की कोशिशें कर रहे हैं. बिहार में जदयू और लोक जनशक्ति पार्टी ने 2019 के चुनावों के लिए सीटों के बंटवारे पर जल्द फैसला लेने की मांग की है तो शिवसेना महाराष्ट्र सरकार से समर्थन वापस लेने के अलावा अगले आम चुनावों में अकेले उतरने की धमकी दे रहा है. आम चुनाव से पहले मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में अपनी सरकार बचाए रखने को प्रयासरत बीजेपी के लिए रास्ते लगातार मुश्किल होते जा रहे हैं.