नई दिल्‍ली: अगर 300 रुपए हर दिन कमाने वाले एक दिहाड़ी मजदूर (daily wage labourer) को एक करोड़ रुपए का इनकम टैक्‍स नोटिस (Income Tax notice) मिले तो ये उसके लिए भारी परेशानी की बात है. दरअसल, इनकम टैक्‍स विभाग ने एक करोड़ रुपए का ये नोटिस महाराष्‍ट्र में एक दिहाड़ी मजदूर daily wage labourer को इसलिए दिया है कि नोटबंदी (demonetisation) के दौरान प्राइवेट बैंक में  उसके नाम के एक अकॉउंट में उसी के तथाकथित रूप से द्वारा 58 लाख रुपए जमा किया गया था.

मुंबई के उपनगर कल्‍याण-डोम्‍बिवली महानगर पालिका के अतर्गत अंम्‍बेवली इलाके की एक झुग्‍गी बस्‍ती में रहने वाले भाऊसाहेब अहीरे को यह इनकम टैक्‍स विभाग से Rs 1.05 crore का टैक्‍स नोटिस मिला है. नोटिस मिलने के बाद दिहाड़ी मजदूर भाऊसाहेब अहीरे पुलिस थाने पहुंचा और रिपोर्ट दर्ज कराई है.

दिहाड़ी मजदूर भाऊसाहेब अहीरे ने दावा किया है कि 300 रुपए हर दिन कमाता है. उसे अकाउंट के बारे में पता नहीं है, जिसमें 58 लाख रुपए जमा किए गए थे. दिहाड़ी मजदूर ने पुलिस से कहा है कि हो सकता है कि फर्जी दस्‍तावेजों के आधार पर खाता खोला गया हो. भाऊसाहेब अहीरे अपने ससुर की झुग्‍गी झोपड़ी में रहता है.

दिहाड़ी मजदूर भाऊसाहेब अहीरे ने बताया कि उसे पहला नोटिस सितंबर में एक प्राइवेट बैंक में साल 2016 में नोटबंदी demonetisation के दौरान पैसा जमा करने के बारे में मिला था. इसके बाद वह आईटी ऑफिस और बैंक में पहुंचा था और पाया कि उसके पैन कार्ड का उपयोग बैंक अकाउंट खोलने के लिए किया गया है, लेकिन अलग फोटो और जाली हस्‍ताक्षर किए गए थे.

दिहाड़ी मजदूर भाऊसाहेब अहीरे ने बताया कि 7 जनवरी को दोबारा उसे इनकम टैक्‍स से एक नोटिस मिला, जिसमें Rs 1.05 crore उसे जमा करने के लिए कहा गया है. इस दूसरे इनकम टैक्‍स नोटिस के बाद भाऊसाहेब अहीरे पुलिस स्‍टेशन पहुंचा और रिपोर्ट दर्ज कराई. उसकी रिपोर्ट के बाद पुलिस ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं.