नागपुर: सोशल मीडिया पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत Mohan Bhagwat के चित्र के साथ प्रचारित हो रहे ”नए संविधान” ‘New Indian Constitution’ के दस्तावेज पर आरएसएस ने यहां कहा कि ऐसे दस्तावेज से उसका कोई लेना देना नहीं है. राष्‍ट्रीय स्‍वयं सेवक संघ Rashtriya Swayamsevak Sangh ने ऑन लाइन प्रसारित हो रही पीडीएफ बुकलेट को लेकर एफआईआर दर्ज कराई है, जिससे न्‍यू इंडिया का संविधान बताते हुए शेयर किया जा रहा है, जिसमें मोहन भागवत की फोटो है. Also Read - RSS worker killed in Kerala: केरला में दो संगठनों की झड़प में आरएसएस कार्यकर्ता की मौत

आरएसएस नेता श्रीधर गाडगे ने यहां कहा कि यह संगठन को बदनाम करने की साजिश है. उन्होंने कहा कि संघ भारत के संविधान के प्रति पूरी आस्था रखता है और आरएसएस ने कोई नया संविधान ‘New Indian Constitution’ प्रस्तावित नहीं किया है. Also Read - Kerala: Alappuzha में SDPI वर्कर्स से झड़प में RSS कार्यकर्ता की हत्‍या, BJP और Hindu संगठनों ने बंद बुलाया

आरएसएस नेता ने कहा कि पीडीएफ फॉर्मेट में ”नया भारतीय संविधान” ‘New Indian Constitution’ शीर्षक वाला एक 15 पृष्ठों का दस्तावेज सोशल मीडिया पर प्रचारित हो रहा है, जिस पर मोहन भागवत का चित्र लगा हुआ है. Also Read - Bengal Polls 2021: क्या राजनीति में वापसी करेंगे मिथुन चक्रवर्ती? RSS प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात पर चढ़ा सियासी पारा

आरएसएस नेता श्रीधर गाडगे ने कहा, ”आरएसएस RSS या आरएसएस अध्यक्ष द्वारा ऐसी कोई पुस्तक प्रकाशित नहीं की गई है. उस पीडीएफ की सामग्री निंदनीय है और संघ का उससे कोई लेना देना नहीं है. भारत के संविधान के प्रति संघ की पूरी आस्था है और उसने कोई नया संविधान प्रस्तुत नहीं किया है.” उन्होंने कहा कि यहां कोतवाली पुलिस थाने में आरएसएस ने इस मुद्दे पर शिकायत दर्ज कराई है.

आरएसएस नेता ने कहा, ”यह आरएसएस और आरएसएस प्रमुख को बदनाम करने के लिए किया जा रहा है. हम नहीं जानते इसके पीछे कौन है, इसलिए हमने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है.”