नागपुर: सोशल मीडिया पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत Mohan Bhagwat के चित्र के साथ प्रचारित हो रहे ”नए संविधान” ‘New Indian Constitution’ के दस्तावेज पर आरएसएस ने यहां कहा कि ऐसे दस्तावेज से उसका कोई लेना देना नहीं है. राष्‍ट्रीय स्‍वयं सेवक संघ Rashtriya Swayamsevak Sangh ने ऑन लाइन प्रसारित हो रही पीडीएफ बुकलेट को लेकर एफआईआर दर्ज कराई है, जिससे न्‍यू इंडिया का संविधान बताते हुए शेयर किया जा रहा है, जिसमें मोहन भागवत की फोटो है.

आरएसएस नेता श्रीधर गाडगे ने यहां कहा कि यह संगठन को बदनाम करने की साजिश है. उन्होंने कहा कि संघ भारत के संविधान के प्रति पूरी आस्था रखता है और आरएसएस ने कोई नया संविधान ‘New Indian Constitution’ प्रस्तावित नहीं किया है.

आरएसएस नेता ने कहा कि पीडीएफ फॉर्मेट में ”नया भारतीय संविधान” ‘New Indian Constitution’ शीर्षक वाला एक 15 पृष्ठों का दस्तावेज सोशल मीडिया पर प्रचारित हो रहा है, जिस पर मोहन भागवत का चित्र लगा हुआ है.

आरएसएस नेता श्रीधर गाडगे ने कहा, ”आरएसएस RSS या आरएसएस अध्यक्ष द्वारा ऐसी कोई पुस्तक प्रकाशित नहीं की गई है. उस पीडीएफ की सामग्री निंदनीय है और संघ का उससे कोई लेना देना नहीं है. भारत के संविधान के प्रति संघ की पूरी आस्था है और उसने कोई नया संविधान प्रस्तुत नहीं किया है.” उन्होंने कहा कि यहां कोतवाली पुलिस थाने में आरएसएस ने इस मुद्दे पर शिकायत दर्ज कराई है.

आरएसएस नेता ने कहा, ”यह आरएसएस और आरएसएस प्रमुख को बदनाम करने के लिए किया जा रहा है. हम नहीं जानते इसके पीछे कौन है, इसलिए हमने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है.”