जयपुर: महाराष्ट्र में नई सरकार के गठन को लेकर जारी गतिरोध पर राजस्थान में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट ने शुक्रवार को कहा कि भाजपा-शिवसेना में फूट का कारण व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा है और चुनाव में बहुमत पाने वाले ये दल जनादेश का मजाक उड़ा रहे हैं. पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में संवाददाताओं से पायलट ने कहा, ‘चुनाव के बाद किसी राज्य में अगर दो दिन सरकार नहीं बनती है तो भाजपा बड़ा व्यंग्य कसती है. महाराष्ट्र में चुनाव परिणाम आए दो हफ्ते होने को हैं, चुनाव पूर्व गठबंधन को बहुमत मिलने के बाद सरकार नहीं बन पा रही. व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं के कारण उस गठबंधन में फूट पड़ी है. उसके लिए न तो कांग्रेस जिम्मेदार है न एनसीपी जिम्मेदार है. वे खुद, उनकी नीति, उनकी सोच, उनकी राजनीति फूट के लिए जिम्मेदार है.’’

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उपमुख्यमंत्री पायलट ने कहा, ‘भविष्य में क्या होगा, मैं नहीं जानता. लेकिन जनता सब देख रही है और समझ रही है कि जिन लोगों के लिए वोट दिया, जिन लोगों पर विश्वास किया, वे उस जनादेश का मजाक उड़ा रहे हैं.’ उन्होंने भाजपा और उसके सहयोगी दलों पर ‘खटपट की राजनीति’ करने का आरोप लगाते हुए कहा, ‘और ये पहली बार नहीं हो रहा. भाजपा तथा उसके सहयोगी दल हमेशा खटपट की राजनीति करते रहे हैं चाहे वह अकाली दल हो चाहे वह जेडीयू हो चाहे आज वह शिवसेना हो. यह नई बात नहीं है. लेकिन आम जनता में भाजपा की साख और छवि लगातार गिरती जा रही है. यह बात आज दिख रही है.’

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शिवसेना के विधायकों के कथित तौर पर होटल में बंद होने संबंधी खबरों पर चुटकी लेते हुए पायलट ने कहा, ‘जो उनके सहयोगी दल हैं वे अपने ही सहयोगी दल से डरकर भाग रहे हैं.’ पायलट ने कहा ‘जनादेश मिलने के बावजूद वे सरकार नहीं बना पा रहे हैं. यह लोकतंत्र के साथ बहुत बड़ा मजाक है.’ उल्लेखनीय है कि कांग्रेस ने केंद्र की आर्थिक ‘कुनीतियों’ के विरोध में देशव्यापी प्रदर्शन करने की घोषणा की है. इसके लिए राजस्थान प्रदेश के पर्यवेक्षक सज्जन वर्मा ने शुक्रवार को यहां कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में बैठक की.

पायलट ने कहा, ‘आज से लेकर 15 नवंबर तक कांग्रेस सड़क पर आकर केंद्र की आर्थिक कुनीतियों के खिलाफ प्रदर्शन करेगी. आर्थिक मंदी के कारण पूरे देश में जो हालात पैदा हुए हैं उसके लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार है, और यह बात हम जनता तक पहुंचाना चाहते हैं.’